हल्द्वानी नगर निगम का जेई 25 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, स्ट्रीट लाइटें ठीक करने वाली कंपनी से किया था सौदा
उत्तराखंड में भ्रष्ट्राचार के खिलाफ विजिलेंस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। अब की बार विजिलेंस ने नगर निगम के जेई को घूस लेते दबोचा है। विजिलेंस ने हल्द्वानी में नगर निगम के जेई को विजिलेंस में 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।

विजिलेंस ने नगर निगम हल्द्वानी में तैनात अवर अभियंता खष्टी बल्लम उपाध्याय को गुरुवार की दोपहर नगर निगम कार्यालय में 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस के एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान के हल्द्वानी स्थित कार्यालय में आकर शिकायत अकित करायी थी।
कि उनकी कम्पनी द्वारा हल्द्वानी शहर में स्ट्रीट लाइटें लगाने का कार्य किया गया , और इनके रखरखाव का कार्य भी उनके द्वारा किया जाता है। ई0ई0सी0एल0 कम्पनी के द्वारा रखरखाव का भुगतान, नगर निगम से कार्य के संतोषजनक होने का पत्र मिलने पर होता है।
जिसे बनाने के के लिये नगर निगम, हल्द्वानी के अवर अभियन्ता खष्टी बल्लभ उपाध्याय रिश्वत मांग रहा था। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस में शिकायत की थी। विजिलेंस की जांच में शिकायत सही पाई गई। जिसके बाद ट्रेस कर आज जेई को विजिलेंस की टीम ने घूस लेते गिरफ्रतार कर दिया।
बता दें कि लंबे समय से राजस्व, पुलिस और स्वास्थ्य महकमा विजिलेंस के रडार पर हैं। इन तीनों विभागों के लिए ही सबसे अधिक शिकायतें डायल 1064 पर आ रही हैं। विजिलेंस ने तीन साल के भीतर 42 ट्रैप किए जिनमें से आधे से ज्यादा इन्हीं तीनों विभाग के हैं। सबसे ज्यादा राजस्व विभाग के 15 अधिकारी और कर्मचारियों को रिश्वत के साथ पकड़ा गया है।
2021 में कुल सात अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत के साथ पकड़ा गया था। 2022 में इनकी संख्या दोगुने से अधिक 15 हुई। जबकि, 2023 में कुल 20 अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। जहां तक इस साल की बात है तो केवल 33 दिनों में विजिलेंस ने सात अधिकारियों और कर्मचारियों को घूस लेते पकड़ा है।












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