पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ऑल वेदर रोड पर बन रही राज्य की सबसे लंबी सुरंग, जानिए इससे जुड़ी 10 बड़ी बातें
दिवाली पर उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से डंडालगांव तक निर्माणाधीन सुरंग के अंदर भूस्खलन होने से 40 लोग फंसे हैं। जिसको लेकर दो दिन से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। बता दें कि यमुनोत्री हाईवे पर ऑल वेदर रोड पर करीब 4.5 किमी लंबी सुरंग का निर्माण हो रहा है। जो कि उत्तराखंड की सबसे लंबी सुरंग तैयार होने वाली है। ये प्रोजेक्ट पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। आइए जानते हैं इस प्रोजेक्ट से जुड़ी 10 बड़ी बातें।

1.यमुनोत्री हाईवे पर ऑल वेदर रोड पर करीब 4.5 किमी लंबी सुरंग का निर्माण हो रहा है। दावा है कि ये उत्तराखंड की सबसे लंबी सुरंग होगी और दिसंबर तक इसका काम पूरा हो जाएगा।
2.एनएचआईडीसीएल NHIDCL के अधिकारियों का दावा है कि दिसंबर तक इस टनल में वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी जाएगी।
3. सिलक्यारा बैंड से लेकर पोल गांव तक इस टनल का निर्माण कराया जा रहा है। अब तक सिलक्यारा बैंड से पोल गांव तक पहुंचने के लिए वाहनों को करीब 2 घंटे का समय लगता था लेकिन अब ये दूरी सिर्फ 10 मिनट में पूरी हो जाएगी।
4.यमुनोत्री हाईवे पर राड़ी टॉप करीब 7 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। बरसात और बर्फबारी के दौरान उत्तरकाशी से यमुना घाटी का सफर बेहद मुश्किल हो जाता है।
5.जब चारधाम यात्रा चलती है, उस दौरान भी बड़कोट से राड़ी टॉप के बीच जाम से लोग हलकान रहते हैं। ऐसे हालातों से निपटने के लिए यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा बैंड से पोल गांव तक 4.5 किमी लंबी सुरंग तैयार हो रही है।
6.इस सुरंग का काम साल 2019 शुरू किया गया था। सुरंग पर करीब 850 करोड़ की लागत लगनी है। ये सुरंग डबल लेन होगी और करीब 12 मीटर चौड़ी होगी। अब तक इस प्रोजेक्ट को दिसंबर महीने तक इस सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
7. खास बात ये है कि इस टनल के निर्माण से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच करीब 27 किलोमीटर की दूरी कम होगी।बताया जा रहा है कि टनल कटिंग का काम करीब 90 फीसदी पूरा हो चुका है।
8. देश में पहली बार यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन राज्य की सबसे लंबी सुरंग के बीचोबीच कंक्रीट की दीवार बनाई जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि इस दीवार के बनने से सुरंग के अंदर वाहन एक-दूसरे से नहीं टकराएंगे।
9.यह सुरंग जीरो एक्सीडेंट वाली होगी। सुरंग में फायर सप्रेशन सिस्टम और स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वीजीशन) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का भी प्रयोग किया जाएगा।
10.सुरंग के अंदर यदि किसी वाहन में कोई खराबी आती है तो उसे ले-बाई (सड़क किनारे कुछ समय के लिए वाहन खड़ा करने का स्थान) की सुविधा मिलेगी। कुछ दूरी पर एक ले-बाई की सुविधा मिलेगी। सुरंग के दायीं व बायीं दोनों तरफ कुल सात ले-बाई बनाई जाएगी। जिसमें से चार का निर्माण पूरा कर लिया गया है।












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