'वो बहुत घबराए हुए थे और उनके पास...' उत्तरकाशी सुरंग का काम संभाल रहे फोरमैन ने बताया हादसे के दिन का सच
Uttarkashi tunnel accident: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बीते दिन निर्माणाधीन सुरंग धंसने के बाद 40 मजदूर अंदर ही फंस गए। इन मजदूरों को निकालने के प्रयास जारी हैं और तमाम तरह के रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाए जा रहे हैं। टनल हादसे को 48 घंटे से भी ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन मजदूरों की जान पर अब भी आफत बनी हुई है।
मजदूरों से बातचीत करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। साथ ही इस पुष्टि के भी प्रयास किए जा रहे हैं कि मजदूर सुरक्षित हैं या नहीं। इस बीच वनयुग इंजीनियरिंग के मैकेनिकल फोरमैन शशि चौहान ने द इंडियन एक्सप्रेस से बात की। उन्होंने बताया कि शुरुआती घंटों तक मजदूर काफी घबराए हुए थे। उनसे बातचीत भी नहीं हो पा रही थी और किसी को भी उनकी स्थिति के बारे में कुछ पता नहीं था। उनके पास वॉकी-टॉकी थे लेकिन मलबा भरा होने की वजह से वो भी काम नहीं कर पा रहा था।

उन्होंने कहा कि आधी रात के आसपास जब पाइप के जरिये उनसे संचार स्थापित किया गया, तो वे शांत हुए। हमने बताया कि हम लगातार उनसे संपर्क में बने हुए हैं और उन्हें किसी भी चीज की जरूरत होती है तो हम उन्हें वो उपलब्ध कराते हैं।
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत सिन्हा ने बताया कि गिरते मलबे से निपटने के लिए वे शॉटक्रीट विधि का उपयोग कर रहे हैं, जो अभी तक आधी ही सफल रही है। अन्य विकल्प भी खोजे जा रहे हैं, जिसके तहत मलबे में छेद करने के लिए देहरादून से मशीन मंगवाई गई है। इसके बाद अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए 900 मिमी स्टील पाइप डाला जाएगा।












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