Uttarakhand: टनल में फंसे रहे 41 श्रमिकों की कब होगी घर वापसी, जानिए क्यों करना पड़़ रहा लंबा इंतजार
उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में 17 दिन तक फंसे रहे 41 श्रमिकों को मंगलवार रात में रेस्क्यू किया जा चुका है। लेकिन अभी भी दो दिन बाद श्रमिकों को घर जाने की परमिशन नहीं मिली है। श्रमिकों को एम्स ऋषिकेश में स्वास्थ्य परीक्षण और मनोचिकित्सक की निगरानी में रखा गया है।

सिलक्यारा सुरंग से निकाले गए 41 श्रमिकों को मंगलवार को पहले चिन्यालीसौड़ अस्पताल भर्ती कराया गया। इसके बाद चिनूक हेलीकाप्टर से बुधवार दोपहर एम्स ऋषिकेश लाया गया। यहां उनकी जांच की गई, जिसमें सभी स्वस्थ पाए गए हैं। अब उनका विस्तृत मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। जिसके लिए कुछ सैंपल लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट गुरुवार तक प्राप्त होगी। ऐसे में आज देर शाम या कल ही सभी को छुट्टी मिल पाएगी। सभी श्रमिकों के परिजन मंगलवार देर रात से ही घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
श्रमिकों को मनोचिकित्सक और मेडिसिन विशेषज्ञों की देखरेख में रखा गया है। एम्स से मिली जानकारी के अनुसार सभी श्रमिक स्वस्थ हैं। फिलहाल उन्हें आराम और संतुलित डाइट की जरूरत है, लिहाजा उन्हें अधिक मात्रा में पानी व जूस लेने की सलाह दी गई है। श्रमिकों के स्वास्थ्य की सघन जांच के अलावा मनोचिकित्सकों की टीम उनके मानसिक स्वास्थ्य की भी जांच कर रही है। जरुरत पड़ने पर देश भर के बड़े संस्थान और एक्सपर्ट् की मदद ली जा सकती है।
एम्स ऋषिकेश में भर्ती गबर सिंह नेगी के चचेरे भाई जयमाल सिंह ने बताया कि वो भी 13 नवंबर से सिलक्यारा डटे रहे। जब गबर सिंह नेगी सुरंग से बाहर आए तो भारत माता की जय कहकर आगे बढ़ गए। जिसके बाद एम्स में उनकी अब तक सही तरीके से मुलाकात नहीं हो पाई है। लगातार जांच हो रही है। उन्होंने बताया कि घर में बूढ़ी मां और पत्नी व दो बच्चे भी गबर सिंह नेगी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications