Uttarakhand weather: उत्तराखंड के लिए भारी से भारी बारिश की चेतावनी, जानिए कब तक रहेगा ऐसी बारिश का दौर
उत्तराखंड के लिए आने वाले दिनों में एक बार फिर आपदा जैसे हालात हो सकते हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
अगले पांच दिनों तक प्रदेश के पर्वतीय जिलों में गर्जन के साथ बारिश का तेज दौर जारी रह सकता है। 15 अगस्त से 20 अगस्त तक प्रदेश भर में भारी बारिश को लेकर विशेष सतर्क रहने को कहा गया है।

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में शुक्रवार को भारी बारिश होने के आसार है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से देहरादून समेत, उत्तरकाशी बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में गर्जना के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलाें में भी तेज दौर की बारिश होने की संभावना है। आने वाले दिनों की बात करें तो अगले पांच दिनों तक प्रदेश के पर्वतीय जिलों में गर्जन के साथ तेज दौर की बारिश हो सकती है।
बारिश के बाद प्रदेश में भारी बारिश के बाद मार्गों में जगह-जगह मलबा आने से 93 मार्ग बंद हैं। रुद्रप्रयाग-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग में कुंड पुल के पास कटाव के चलते वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। केदारनाथ यात्रा मार्ग अगले एक सप्ताह में सुचारू हो जाएगा। इसको लेकर काफी तेजी से काम चल रहा है।
विगत 31 जुलाई की रात को केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड हुआ था। यह लैंडस्लाइड पूरे यात्रा मार्ग पर कई जगह पर हुआ था। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग का 150 मीटर हिस्सा वासआउट हो गया। इसके साथ ही कई जगहों पर बोल्डर गिरने से यात्रा मार्ग बाधित रहा है।
पीडब्ल्यूडी सचिव पंकज पाण्डेय ने बताया कि पूरे प्रदेश में तमाम जगहों पर भारी बारिश के चलते मार्ग बाधित होने की घटनाएं सामनेआई हैं। कई जगह नेशनल हाईवे स्टेट हाईवे और जिला मार्ग बाधित हुए हैं। सभी को सुचारु करने का प्रयास तेजी के साथ किया जा रहा है। केदारनाथ यात्रा मार्ग को सुचारु करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं एक सप्ताह के अंदर मार्ग को सुचारू कर लिया जाएगा।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, सोनप्रयाग-गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग में लिनचौली के पास मलबा आने से मार्ग बंद है। रुद्रप्रयाग में 12 ग्रामीण और दो पैदल मार्ग बंद हैं। उत्तरकाशी में दो राज्य और नौ ग्रामीण मार्ग, नैनीताल में एक राज्य और 10 ग्रामीण मार्ग, बागेश्वर जिले में 12 ग्रामीण मार्ग, देहरादून जिले में एक राज्य और सात ग्रामीण मार्ग, पिथौरागढ़ में एक बॉर्डर व 21 ग्रामीण मार्ग, अल्मोड़ा में एक ग्रामीण मार्ग, चंपावत जिले में चार ग्रामीण, हरिद्वार में दो और पौड़ी जिले में एक राज्य मार्ग और सात ग्रामीण मार्ग मलबा आने से बंद हैं।












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