Uttarakhand: दिल्ली से आए मुन्ना ने बताया कैसे पहुंचेंगे 41 मजदूरों तक? अब ऐसे होगी मैन्युअली ड्रिलिंग

उत्तरकाशी के सिल्क्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को सकुशल बाहर निकालने की जद्दोजहद जारी है। आगर मशीन के आगे के हिस्से टूटने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन को रोकना पड़ा है। जिस वजह से अब पूरा काम मैन्युअल किया जा रहा है।

अब तक करीब 48 मीटर की एस्केप टनल तैयार हो चुकी है। जबकि करीब 57 मीटर की टनल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद ही अंदर फंसे 41 मजदूरों को बाहर रेस्क्यू किया जा सकता है।

 Uttarakhand Tunnel Rescue drilling expert comes from delhi New strategy to rescue trapped workers

लेकिन फिलहाल एस्केप टनल के अंदर करीब 30 मीटर तक मशीन के कुछ पार्ट्स को काटने और बाहर निकालने का काम जारी है। इस काम के लिए प्लाज्मा मशीन भी मंगाई गई है। जो कि कल सुबह अपना काम शुरू कर सकती है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि इस काम को करने में कम से कम एक से 2 दिन का समय लग सकता है। इसके बाद एक बार फिर मैन्युअल तरीके से आगे का रास्ता बनाने का काम शुरू होगा।

जिसके लिए एक टीम पहुंच चुकी है। यह टीम आगे के सरिये के जाल सीमेंट और मिट्टी को हटाने का काम करेगी। इस टीम के सदस्य दिल्ली से आए मुन्ना ने बताया कि उन्हें करीब 11 से 12 मी अंदर मैन्युअल काम करना होगा| इसके लिए उन्हें तीन तरह की मशीन भी साथ में ले जाने होगी एक गलेंडर, जिसे सरिया पाइप और लोहा काटा जाता है, दूसरा गोदाली जिस मिट्टी को हटाया जाता है, और तीसरा हिल्टी जिस पत्थर तोड़े जाते हैं।

मुन्ना के मुताबिक पांच वर्कर अभी सिल्क्यारा पहुंच चुके हैं जबकि 6 और साथी उनके साथ इस मिशन में जुड़ेंगे। मुन्ना ने बताया कि उन्हें करीब 15 से 20 साल का अनुभव है। साथ ही उनकी टीम के एक-एक व्यक्ति को 6-6 घंटे काम कर सकते हैं। उनके सामने करीब 6 से 8 मी का टारगेट है। जिसमें सरिया के जाल, कंक्रीट और पत्थर के अलावा मिट्टी को हटाने की चुनौती है। हालांकि मुन्ना का दावा है कि वह इस चुनौती के लिए तैयार हैं और उनकी पूरी टीम को विश्वास है कि वह जल्द ही इस चुनौती को पार कर मजदूरों तक पहुंचेंगे।

रेस्क्यू अभियान के दौरान जो जो अड़चनें आ रही है। उनको हटाने और आगे का रास्ता तैयार करने के लिए सरकार और एजेंसियां लगातार युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। हालांकि जिस तरह चट्टान को पार करने में परेशानी हो रही है ऐसे में यह कह पाना की रेस्क्यू अभियान कब तक पूरा होगा। यह कहना जल्दबाजी होगा। जिससे साफ है कि एक बार फिर आने वाले रविवार यानी 26 नवंबर का एक बार फिर इंतजार करना होगा। जो की एक नई सुबह का नई उम्मीद के साथ सबको बेसब्री से इंतजार रहेगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+