उत्तराखंड: चुनावी साल में बनता जा रहा आंदोलन प्रदेश , आधा दर्जन कर्मचारी संगठन आंदोलनरत
राज्य कर्मचारियों के अधिकतर संगठन अपनी—अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर
देहरादून, 9 सितंबर। चुनावी साल में उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों के लिए आंदोलन प्रदेश बनता जा रहा है। राज्य कर्मचारियों के अधिकतर संगठन अपनी-अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर है। इससे प्रदेश की धामी सरकार के लिए मुसीबतें कम होती नजर नहीं आ रही है। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति, विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा समेत आधा दर्जन से अधिक संगठन अपने-अपने तरीके से विरोध कर रहे हैं।

सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों का हक का आंदोलन जारी
प्रदेश के सबसे बड़े राज्य कर्मचारियों के समन्वय समिति उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति का सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों के अपने हक के लिए सोमवार से प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी है। आंदोलन के तौर पर 18 सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन के तहत छह सितंबर से 19 सितंबर तक सभी जिलों में गेट मीटिंग और जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। 20 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना-प्रर्दशन किया जाएगा। इसके बाद 27 सितंबर को देहरादून में सहस्त्रधारा रोड एकता विहार स्थित धरना स्थल पर एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय धरना-प्रर्दशन किया जाएगा। इसके बाद पांच अक्तूबर को देहरादून में प्रदेश स्तरीय हुंकार रैली का आयोजन किया जाएगा। उसी दिन आगामी अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा भी आंदोलनरत
ऊर्जा विभाग के कार्मिकों ने भी 14 सूत्रीय मांगों को पूरा न करने पर आंदोलन शुरू किया हुआ है। कर्मचारियों ने 31 अगस्त से 21 सितंबर तक विरोध जारी रखने का निर्णय लिया। इसके लिए सप्ताह में मंगलवार या शनिवार को गेट मीटिंग के साथ विरोध किया जा रहा है। साथ ही 11 सितंबर से शाम 5 से 10 बजे तक मोबाइल बंद कर विरोध करने का भी निर्णय लिया गया है। ऊर्जा मंत्री के साथ एक माह पहले बनी सहमति के बाद भी मांगों पर शासनादेश जारी नहीं होने से विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन कर रहे हैं।
परिवहन मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ भी मुखर
प्रमोशन के मुद्दे पर उत्तराखंड परिवहन मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ का आंदोलन भी जारी है। वरिष्ठ प्रशासनिक पद पर लंबे समय से प्रमोशन नहीं होने और बाकी पदों पर भी प्रमोशन की प्रक्रिया लटकने की वजह से कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। संघ के प्रदेश महामंत्री यशवीर बिष्ट ने बताया कि शासन से इस संबंध में एक सप्ताह का समय मांगा गया है। अगर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
मानदेय को लेकर आंदोलन
उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के संविदा कर्मचारियों ने समय पर और सम्मानजनक मानदेय देने सहित विभिन्न सात सूत्री मांगों को लेकर प्रदेशभर में दो दिवसीय कार्यबहिष्कार कर सरकार को चेताया है। उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा का कहना है कि कर्मचारी आंदोलन नहीं चाहते, लेकिन उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर उन्हें इसके लिए मजबूर किया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उपनल संविदा कर्मचारियों को वर्षों की सेवा के बावजूद मात्र 10 से 12 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है।
निगम कर्मियों का भी आंदोलन
संयुक्त कर्मचारी महासंघ कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) और गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन)के कर्मचारियों ने भी अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ा हुआ है। बीते 26 अगस्त से अपनी 12 सूत्री मांगों के लिए संयुक्त कर्मचारी महासंघ के बैनर तले संयुक्त कर्मचारी महासंघ कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) और गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन)के साढ़े 4 हजार कर्मचारी आंदोलनरत हैं। कर्मचारी जिलेवार कार्यबहिष्कार कर रहे हैं।












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