कांवड़ यात्रा को इस साल मंजूरी मिलेगी या नहीं, उत्तराखंड के नए CM पुष्कर सिंह धामी ने दिया ये जवाब
देहरादून, 9 जुलाई 2021: हिंदू मजहब के अनुयायी सावन के महीने में कांवड़ यात्रा पर जाते हैं। उत्तर भारत के हिंदी भाषी राज्यों से हर साल हजारों भक्तों का रेला इस यात्रा पर निकलता था, लेकिन बीते साल से कांवड़ यात्रा पर कोरोना महामारी वाली पाबंदियां लगी हुई हैं। यह यात्रा इस साल होगी या नहीं, इस पर उत्तराखंड के नवनियुक्त मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान आया है। पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि, वे इस बारे में अन्य राज्यों की सरकार से बात करेंगे।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि, कांवड़ यात्रा एक राज्य का मामला नहीं है। इसकी अनुमति दी जाए या नहीं, इसे लेकर हम दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से चर्चा करेंगे। बैठक के बाद ही इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा।

पिछले साल लगाई गई थी रोक
कोरोना-लॉकडाउन के चलते 2020 के श्रावण मास में राज्य सरकारों ने कांवड़ यात्रा को मंजूरी नहीं दी थी। खासतौर पर हरियाणा और यूपी की सरकार ने तय किया कि वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए यह यात्रा नहीं होने दी जाएगी। जिसके उपरांत उत्तराखंड, हरियाणा और उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा सामूहिक रूप से कावड़ यात्रा पर रोक लगा दी गई। हालांकि, हरियाणा सरकार की ओर से ऐलान किया गया कि, भक्तों के लिए हरिद्वार से गंगाजल की व्यवस्था कराई जाएगी। सरकारी प्रतिनिधियों ने कहा कि, भक्तों के लिए सरकार खुद हरिद्वार से गंगाजल लाएगी। गृह विभाग के प्रवक्ता ने कहा था कि, महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर कांवडियों को 'कांवड़ यात्रा' पर जाने की अनुमति नहीं देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि, यह निर्णय उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश की सरकारों द्वारा कांवडियों के रहने एवं ठहरने की व्यवस्था करने में असमर्थता जताने पर लिया गया। ऐसे में माना जा रहा है कि, इस बार भी कई राज्यों की सरकारों के बीच जो बातचीत होगी, उसमें कांवर यात्रा 2021 पर रोक लगाई जा सकती है।












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