Uttarakhand: यमुना घाटी में नदी का प्रवाह रुका, झील बनने से होटल और मकानों पर खतरा, लोगों का रेस्क्यू शुरू
Uttarakhand news: उत्तराखंड में में मानसून फिर से कहर बनकर बरसा है। गंगा घाटी के बाद अब यमुना घाटी से बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी में भूस्खलन से अचानक यमुना नदी का प्रवाह रुक गया है। जिससे वहां एक झील बन गई है।
झील बनने से आबादी वाली जगहों पर पानी घुस गया है। होटल, घरों में पानी घुसने से लोगों को रेस्क्यू करा दिया गया है। एक पुल भी पूरी तरह से डूबने लगा है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने पूरे इलाके को खाली करा दिया है।

यमुनोत्री धाम के मुख्य मार्ग पर स्यानाचट्टी में जलभराव के कारण स्थानीय घर और होटल आपदा की चपेट में आ गए हैं। साथ ही खरादी में भी पहाड़ी पर हुए भू-धसाव से कम से कम 10 होटल और कई स्थानीय परिवारों के मकान खतरे में हैं। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार स्यानाचट्टी के लिए तत्काल 3 टीमें मौके पर रवाना हो चुकी हैं। खरादी में हुए भू-धसाव का उच्च स्तरीय दल स्थलीय निरीक्षण कर तत्काल ठोस कार्रवाई करेगा।
उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा के 15 दिन के बाद अब यमुना घाटी के स्यानाचट्टी में अचानक झील बनने से धीरे-धीरे पानी आबादी वाले क्षेत्र में घुस गया। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को खाली कर दिया है। राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम तो मौके पर पहुंची है।
उत्तरकाशी पुलिस के अनुसार गढगाड गदेरे से मलबा आने के कारण यमुना नदी का प्रवाह बाधित होने से स्यानाचट्टी में एक अस्थाई झील बन गयी है, निकासी बाधित होने से जलभराव लगातार बढता जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस द्वारा आस-पास के घर, मकान व होटल खाली करवा दिये गये हैं।
उक्त स्थान पर अत्यधिक जलभराव से निचले इलाकों के सभी जनमानस को सचेत रहने की आवश्यकता है। पुलिस ने अपील जारी कर कहा है कि यमुना नदी के आस-पास न जाएं, सुरक्षित स्थानों पर रहें। पुलिस सहायता हेतु 112 डायल करें।












Click it and Unblock the Notifications