Uniform Civil Code पर बोले सीएम पुष्कर सिंह धामी, 'इसकी मांग तो काफी समय से है, लेकिन सारे फैसले...'

Uniform Civil Code: यूनिफॉर्म सिविल कोड पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने बुधावर को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक देश में सबके लिए समान क़ानून होना चाहिए यह लंबे समय से मांग उठ रही है। हमने इसकी शुरुआत देवभूमी में की है।

दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित एक जनसभा में बोलते हुए यूनिफॉर्म सिविल कोड का मुद्दा उठाया था। पीएम मोदी द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड का मुद्दा उठाए जाने के बाद अब राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। तो वहीं, अब इस मामले पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया।

uttarakhand-cm-pushkar-singh-dhami

सीएम धामी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भारत की संविधान की मूल भावना और उसके प्रावधान के अंतर्गत ही निर्णय होंगे। UCC कमेटी इस पर काम कर रही जो सबके हित में होंगे। एक देश में सबके लिए समान क़ानून होना चाहिए यह लंबे समय से मांग उठ रही है। हमने इसकी शुरुआत देवभूमी में की है। यह देश में लागू हो यह हमारी इच्छा है।

इतना ही नहीं, सीएम धामी ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथन अक्षरशः सत्य है कि कुछ देशविरोधी लोग Uniform Civil Code के नाम पर जनता को भड़काने का कार्य कर रहे हैं। जरा सोचिए एक ही परिवार के सदस्यों के लिए घर में अलग-अलग कानून कैसे हो सकता है। फाइनल ड्राफ्ट आते ही हम उत्तराखंड में शीघ्र "समान नागरिक संहिता" लागू करने जा रहे हैं।

इससे पहले सीएम ने मेरा बूथ सबसे मजबूत संवाद कार्यक्रम के बाद मीडियाकर्मियों से कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जितनी भी योजनाएं आई, वह सबके लिए आई हैं। हर वर्ग के उत्थान के लिए काम किया। संतुष्टिकरण पर जोर रहा है। तुष्टिकरण किसी का नहीं हुआ। समान नागरिक संहिता की विशेषज्ञ समिति ने मसौदा तैयार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट पर बड़ी जानकारी सामने आई है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड के ड्राफ्ट को एक से दो दिनों में प्रकाशन के लिए भेजा जाएगा। राज्य सरकार उम्मीद कर रही है कि यूनिफॉर्म सिविल कार्ड ड्राफ्ट समिति 30 जून तक फाइनल ड्राफ्ट सौंप देगी।

सूत्रों का कहना है कि अगर ड्राफ्ट की छपाई में देरी हुई तो इसे सरकार को सौंपने में विलंब हो सकता है। इस प्रकार की स्थिति में ड्राफ्ट समिति मसौदे को जुलाई के पहले सप्ताह में सरकार को सौंप सकती है। पीएम मोदी के बयान के उत्तराखंड में भी इस मसले पर विपक्षी दलों में हलचल तेज हुई है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+