केदारनाथ-बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट कब होंगे बंद, चारधाम देवस्थानम् बोर्ड ने बताई तारीखें
देहरादून, 15 अक्टूबर, 2021: देवभूमि उत्तराखंड के चारों धामों केदारनाथ-बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनाेत्री के कपाट इस महीने खुले रहेंगे। चारधाम देवस्थानम् बोर्ड द्वारा कहा गया है कि, सर्द ऋतु में भारी बर्फबारी की संभावना को देखते हुए चार धामों के कपाट अगले महीने बंद कराए जाएंगे। कपाट बंद होने की तारीखें भी बता दी गई हैं, जिसमें गंगोत्री के कपाट 5 नवंबर को बंद किए जाएंगे। इसके बाद 6 नवंबर से केदारनाथ व यमुनोत्री मंदिरों के कपाट बंद किए जाएंगे। वहीं, बद्रीनाथ के कपाट बंद करने की तारीख आज यानी कि, शुक्रवार को घोषित की जाएगी।
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इस महीने खुले रहेंगे चारधामों के कपाट
चारधाम देवस्थानम बोर्ड ने कहा है कि, केदारनाथ-बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनाेत्री के कपाट बंद होने के साथ ही सर्दियों के लिए चारधाम यात्रा पर विराम लग जाएगा। उसके बाद श्रद्धालु अगले वर्ष ही यात्रा कर पाएंगे। गौरतलब हो कि, कोरोना महामारी के कारण चारधाम की यात्रा 2020 से बाधित होती रही है। हालांकि, यात्रियों की संख्या को लेकर लगाया गया प्रतिबंध हटते ही इस महीने रौनक लौट आई। आंकड़ों के मुताबिक, यात्रा शुरू होने के बाद से सबसे ज्यादा यात्री केदारनाथ दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

केदारनाथ में आ रहे सबसे ज्यादा श्रद्धालु
केदारनाथ धाम प्रबंधन ने बताया कि, इस महीने हर रोज हजारों श्रद्धालुओं ने केदारनाथ मंदिर में दर्शन किए हैं। जिसमें 6 अक्टूबर के दिन रिकॉर्ड 2300 यात्रियों ने दर्शन किए। दरअसल, लंबे समय बाद केदारनाथ में यात्रियों को गर्भ-गृह के दर्शन करने की अनुमति मिली है। जबकि बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में श्रद्धालु बाहर से ही दर्शन करते हैं। केदारनाथ मन्दिर उत्तराखण्ड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित हिन्दुओं का प्रसिद्ध मंदिर है। उत्तराखण्ड में हिमालय पर्वत की गोद में केदारनाथ मन्दिर बारह ज्योतिर्लिंग में सम्मिलित होने के साथ चार धाम और पंच केदार में से भी एक है। यहां की प्रतिकूल जलवायु के कारण यह मन्दिर अप्रैल से नवंबर माह के मध्य ही दर्शन के लिए खुलता है। पत्थरों से बने कत्यूरी शैली से बने इस मन्दिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण पांडव वंश के जनमेजय ने कराया था। यहां स्थित स्वयम्भू शिवलिंग अति प्राचीन है। आदि शंकराचार्य ने इस मन्दिर का जीर्णोद्धार करवाया था।

केदारनाथ मंदिर से जुड़ी दिलचस्प बातें
केदारनाथ मंदिर से जुड़े कुछ किस्से लोगों को बहुत चौंकाते हैं। इस मन्दिर में मंडप और गर्भगृह के चारों ओर प्रदक्षिणा पथ यह मन्दिर एक 6 फीट ऊंचे चौकोर चबूतरे पर बना हुआ है। इस मन्दिर में मुख्य भाग मंडप और गर्भगृह के चारों ओर प्रदक्षिणा पथ है। बाहर प्रांगण में नन्दी बैल वाहन के रूप में विराजमान हैं। पूरे परिसर के आकार को देखें तो इस मन्दिर को 3 भागों में बांटा जा सकता है गर्भ गृह, मध्यभाग और सभा मण्डप। गर्भ गृह के मध्य में भगवान श्री केदारेश्वर जी का स्वयंभू ज्योतिर्लिंग स्थित है जिसके अग्र भाग पर गणेश जी की आकृति और साथ ही मां पार्वती का श्री यंत्र विद्यमान है। ज्योतिर्लिंग पर प्राकृतिक यग्योपवित और ज्योतिर्लिंग के पृष्ठ भाग पर प्राकृतिक स्फटिक माला को आसानी से देखा जा सकता है।












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