गुजरात, गोवा के बाद उत्तराखंड बनेगा तीसरा राज्य, विद्या समीक्षा केन्द्र से बदलेगी स्कूलों की तस्वीर
उत्तराखंड में होंगे 6 माह के भीतर विद्या समीक्षा केन्द्र
देहरादून, 10 अगस्त। गुजरात, गोवा के बाद उत्तराखंड तीसरा ऐसा राज्य बनने जा रहा है जो कि विद्या समीक्षा केंद्र को स्थापित करेगा। इससे सरकारी स्कूलों में छात्रों के एडमिशन, सीखने के स्तर, ड्रापआउट, पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति, संसाधनों के उपयोग आदि सभी पर नजर रख सकते हैं। इससे एक ऐसा सिस्टम डेवलप होगा जो कि पूरी मशीनरी की एक ही जगह पर मॉनिटरिंग कर सकता है।

गुजरात का विद्या समीक्षा केंद्र पूरे देश को दिशा दिखाने वाला केंद्र बन गया
सरकारी स्कूलों में छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और गुणात्मक लाभ के लिए राज्य में विद्या समीक्षा केंद्र पर काम किया जा रहा है। इसको लेकर शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने भी इस प्रोजेक्ट पर 6 माह के अंदर रिजल्ट देने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले ही इस प्रोजेक्ट की तारीफ करते हुए कहा था कि गुजरात का विद्या समीक्षा केंद्र पूरे देश को दिशा दिखाने वाला केंद्र बन गया है और इस केंद्र की वजह से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 26 प्रतिशत बढ़ गई है। उन्होंने कहा था कि शिक्षा के क्षेत्र में ये केंद्र पूरे देश में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं और इसका अध्ययन किया जाना चाहिए।
आधुनिक तकनीकी से लैस विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित होगा
राज्यों को इस योजना को लागू करने के लिये स्कूलों की संख्या के आधार पर वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। ऐसे में शिक्षा विभाग अगले छह महीनों के भीतर विद्या समीक्षा केन्द्र स्थापित करने की तैयारियों में जुटा हुआ है। शिक्षा विभाग पहले ही आईटी क्षेत्र की एक बड़ी कंपनी से अनुबंध कर चुका है, इससे आधुनिक तकनीकी से लैस विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित होगा। इस प्रोजेक्ट को लेकर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत का कहना है कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को प्रखर व प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है, शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार एवं आधुनिक तकनीकी का उपयोग कर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक विश्वसनीय एवं रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से ,विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना की जा रही है जो कि अगले छह माह के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा।
विभाग का सम्पूर्ण डाटा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा
बीते दिनों शिक्षा मंत्री ने गुजरात में आयोजित देशभर के शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान विभागीय अधिकारियों के साथ विद्या समीक्षा केंद्र में जाकर केंद्र की कार्यप्रणाली को समझने का प्रयास किया गया। इसके बाद उत्तराखंड में भी विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया, केंद्र सरकार ने प्रस्ताव को स्वीकृत कर रुपये 5 करोड़ की धनराशि भी जारी कर दी है। शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को छह माह के भीतर विद्या समीक्षा केन्द्र स्थापित करने के निर्देश दे दिए गए है। समीक्षा केंद्र की स्थापना के बाद विभाग का सम्पूर्ण डाटा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। जिसके तहत विद्यालयों का विवरण, शिक्षकों का विषयवार डाटा, छात्र.छात्राओं का विवरण के साथ ही प्रदेश के विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का डाटा मौजूद रहेगा। इसके अलावा विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से किसी भी विद्यालय का ऑनलाइन निरीक्षण के साथ ही वहां की सम्पूर्ण गतिविधियों पर भी नजर रखा जा सकता है।












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