उत्तराखंड विधानसभा चुनाव : यूकेडी ने जारी की पहली सूची, 16 प्रत्याशियों को दिया टिकट
यूकेडी ने पहली सूची के जरिए अपने 16 प्रत्याशियों का नाम किया फाइनल
देहरादून, 21 दिसंबर। उत्तराखंड के क्षेत्रीय दल उत्तराखंड क्रांति दल ने राष्ट्रीय दलों से पहले ही विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। यूकेडी ने पहली सूची के जरिए अपने 16 प्रत्याशियों का नाम फाइनल किया है। यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने बताया कि पार्टी सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी का चुनावी एजेंडा पलायन, बेरोजगारी, भू कानून जैसे मुद्दे हैं।

क्षेत्रीय दल ने मारी बाजी
उत्तराखंड में कुछ ही दिनों में आचार संहिता लग सकती है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के अंदर भी टिकटों की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। दोनों राष्ट्रीय दल जनवरी पहले सप्ताह में अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर सकते हैं। इधर तीसरे विकल्प के तौर पर पहली बार उत्तराखंड में चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी ने अभी तक सिर्फ सीएम प्रत्याशी कर्नल अजय कोठियाल को गंगोत्री सीट से चुनाव लड़ाने का ऐलान किया है। लेकिन क्षेत्रीय दल यूकेडी ने मंगलवार को 16 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में पार्टी के पुराने चेहरों को जगह मिली है। कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट को देवप्रयाग और पुष्पेश त्रिपाठी को द्वाराहाट से प्रत्याशी बनाया गया है। यूकेडी के प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट यमकेश्वर विधानसभा से किस्मत आजमाएंगे। यूकेडी की पहली सूची में 16 में से 2 सीटों पर महिलाओं को मैदान में उतारा गया है। साफ है कि राष्ट्रीय दलों की तरह क्षेत्रीय दल भी महिला उम्मीदवारों को अभी ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहे हैं। हालांकि ये पहली सूची है। राष्ट्रीय दलों की और से महिलाओं और युवाओं को लेकर दावे किए जा रहे हैं। लेकिन जब राष्ट्रीय दलों की लिस्ट जारी होगी तो इस बात को लेकर तस्वीर साफ हो पाएगी।
4 सीटों से शुरूआत, 2017 में नहीं जीता कोई
उत्तराखंड क्रांति दल ने हाल ही में सबसे पहले अपना घोषणा पत्र जारी किया था। जिसमें उत्तराखंड क्रांति दल ने शिक्षा,स्वास्थ्य और राजधानी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। यूकेडी उत्तराखंड आंदोलन की सबसे पहले आवाज मानी जाती है। बावजूद इसके यूकेडी को उत्तराखंड में अब तक चुनाव में खास प्रदर्शन नहीं कर पाई। पार्टी का गठन 25 जुलाई 1979 में मसूरी में हुआ। यूपी के दौरान 1980 में रानीखेत विधानसभा सीट से जसवंत सिंह बिष्ट यूकेडी के पहले विधायक बने। जबकि 1985 में डीडीहाट विधान सभा सीट से काशी सिंह ऐरी विधानसभा पहुंचे, जो कि वर्तमान में केन्द्रीय अध्यक्ष हैंं। 1989 में रानीखेत विधान सभा सीट से जसवंत सिंह बिष्ट और डीडीहाट विधान सभा सीट से काशी सिंह ऐरी दोनों दोबारा विधायक बने। 1983 में काशी सिंह ऐरी डीडीहाट विधानसभा से तीसरी बार विधायक बने। उत्तराखंड बनने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव हुआ तो 2002 में यूकेडी के चार प्रत्याशी डीडीहाट से काशी सिंह ऐरी, नैनीताल से नारायण सिंह जंतवाल, द्वाराहाट से विपिन त्रिपाठी और यमुनोत्री से प्रीतम सिंह पंवार विधायक बने, वर्ष 2007 में 3 प्रत्याशी जीते, जिनमें द्वाराहाट से पुष्पेश त्रिपाठी, देवप्रयाग से दिवाकर भट्ट और नरेंद्रनगर से ओमगोपाल रावत विधानसभा पहुंचे। यूकेडी ने सशर्त भाजपा को समर्थन दिया। जिसमें यूकेडी के कोटे से दिवाकर भट्ट भाजपा सरकार में मंत्री बने। इसके बाद वर्ष 2012 में यूकेडी मात्र एक सीट पर सिमटकर रह गया। जिसमें से यमुनोत्री से प्रीतम पंवार विधायक बने और प्रीतम कांग्रेस सरकार में मंत्री बनें। 2017 में यूकेडी के टिकट से कोई भी विधायक नहीं बना। प्रीतम सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और विधायक बनें।
यूकेडी की पहली सूची
- देवप्रयाग से दिवाकर भट्ट
- द्वाराहाट से पुष्पेश त्रिपाठी
- श्रीनगर से मोहन काला
- धनोल्टी से उषा पवार
- लैंसडाउन से एपी जुयाल
- अल्मोड़ा से भानु प्रकाश जोशी
- काशीपुर से मनोज डोबरिया
- यमकेश्वर से शांति प्रसाद भट्ट
- केदारनाथ से गजपाल सिंह रावत
- रायपुर से अनिल डोभाल
- ऋषिकेश से मोहन सिंह असवाल
- देहरादून कैंट से अनिरुद्ध काला
- चौबट्टाखाल से वीरेंद्र सिंह रावत
- टिहरी से उर्मिला
- किच्छा से जीवन सिंह नेगी
- डोईवाला से शिव प्रसाद सेमवाल












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