Uniform Civil Code उत्तराखंड में 9 नवंबर से यूनिफॉर्म सिविल कोड,धामी सरकार की ये है प्लानिंग, सियासत भी शुरू
Uniform Civil Code उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड 9 नवंबर को लागू होगा। जिसको लेकर राज्य सरकार की ओर से तैयारियां जारी हैं। 9 नवंबर को उत्तराखंड का स्थापना दिवस है। ऐसे में धामी सरकार राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेश को बड़ी सौगात देने जा रही है।
यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बनेगा। इससे पहले इससे संबंधित औपचारिकता पूरी करली जाएंगी। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को लेकर इसको लेकर पूरा होमवर्क करने को कहा है।

इधर यूसीसी को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने से पहले हजारों लोगो से जनसंपर्क, 30 से भी अधिक बैठकें, 43 जन संवाद कार्यक्रम और 2.33 लाख लोगों से सुझाव लिए गए। भाजपा का कहना है कि यह कानून सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और इसमें किसी धर्म, जाति मे भेदभाव खत्म करता है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार तथा संपत्ति विवाद मे एक समान कार्य करेगा।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश मे अस्तित्व मे आ रहे समान नागरिक अधिकार कानून को लेकर राज्य वासियों मे उत्साह का वातावरण है, लेकिन विपक्षी कांग्रेस और उनके सहयोगी ढुलमुल और असमंजस की स्थिति मे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के यूसीसी पर दिये बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान ने कहा कि कांग्रेस किसी भी सुधार की प्रक्रिया अथवा विकास को लेकर नकारात्मक रुख अपनाती रही है और यूसीसी को लेकर वह शुरू से ही विरोध करती रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी नागरिकों को समान अधिकार दिये जाने को लेकर एक कानून बन रहा है तो इसमें कांग्रेस को दिक्कत क्यों और किसके लिए है?
चौहान ने कहा कि कांग्रेस हमेशा ही समान नागरिक आचार सहिंता को मुस्लिम समुदाय के विरोध मे साजिश का प्रचार कर भाजपा के खिलाफ एजेंडा चलाती रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मे यूसीसी के गठन की प्रकिया के दौरान जब सुझाव लिए जा रहे थे तो कांग्रेस उसकी खामिया ढूंढने मे लगी रही और वह इसे साजिश करार देने के लिए प्रचारित करती रही। वह तब से सवाल उठाती रही जब से ड्राफ्ट तैयार करने की शुरुआत हुई।












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