उत्तराखंड भाजपा में तैयार हो रही नई त्रिमूर्ति, धामी, निशंक और त्रिवेंद्र की भूमिका होगी अहम
सक्रिय हुए तीनों नेता, सरकार और संगठन में होगी अहम भूमिका
देहरादून, 3 मार्च। उत्तराखंड भाजपा में परिणाम से पहले ही खेमेबाजी साफ नजर आने लग गई है। चुनाव निपटते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तीन नए खेमे नजर आ रहे हैं। जो कि चुनाव बाद सक्रिय हो चुके हैं। इधर प्रदेश के दो बड़े नेता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। इसके पीछे हाईकमान के सामने अपने-अपने पक्ष को मजबूत करने की मानी जा रही है। हालांकि दोनों नेताओं के दिल्ली में होने के पीछे की वजह कुछ और ही बताई जा रही है। लेकिन ये साफ है कि जिस तरह के चुनाव परिणाम आएंगे उसके बाद इन दोनों नेताओं की भूमिका अपने-अपने तरीके से अहम मानी जा रही है।

7 मार्च को बुलाई अहम बैठक
भाजपा संगठन ने इस समय अंदरखाने सरकार बनाने को लेकर रणनीति पर फोकस करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में आगामी 10 मार्च की चुनाव मतगणना से पहले 7 मार्च को पार्टी की बैठक आयोजित की गई है, जिसमें प्रदेश चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी शिरकत करेंगे। बैठक मे सभी सांसद, प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, विधानसभा प्रत्याशी एवं विधानसभा प्रभारियों को आमंत्रित किया गया है। भाजपा संगठन हालांकि 60 पार होने का दावा कर रही है, लेकिन अंदरखाने इस बात को लेकर भी पार्टी की ओर से तैयारियां शुरू हो गई हैं कि स्पष्ट बहुमत न मिलने की दिशा में क्या रणनीति रहेगी। इधर भाजपा के दो बड़े चेहरे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। दावा किया जा रहा है कि दोनों अपने-अपने तरह से सरकार बनाने के लिए जरुरी दांव पेंच पर हाईकमान के सामने रणनीति पर मंथन कर रहे हैं। निशंक के दिल्ली में एक्टिव होने से प्रदेश की सियासत गरमा गई है। निशंक राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से पहले ही मुलाकात कर चुके हैं। जो कि पार्टी के अंदर चल रहे भितरघात के आरोपों के बाद से खड़े हुए संकट को लेकर मानी जा रही है। इसके साथ ही निशंक को प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी मिलने की भी चर्चा तेज हो रही है। हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है ये 10 मार्च के बाद ही तय हो पाएगा। लेकिन जिस तरह से निशंक दिल्ली में एक्टिव हुए हैं, उससे ये साफ है कि आने वाले दिनों में निशंक प्रदेश की सियासत में कुछ बड़ा कर सकते हैं।
सरकार बनाने की स्थिति में तीनों की अहम भूमिका
इधर प्रदेश भाजपा में एक बार फिर तीन बड़े चेहरों के इर्द गिर्द ही राजनीति घूम रही है। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और त्रिवेंद्र सिंह रावत अहम भूमिका में नजर आ रहे हैं। 2022 के चुनाव के बाद ये भाजपा की नई त्रिमूर्ति के रुप में पहचानी जाने लगी है। जो कि परिणाम आने के बाद अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। किसी भी तरह की सरकार बनाने की स्थिति में तीनों की अहम भूमिका हो सकती है। साथ ही ये तय है कि इन तीनों के इर्द-गिर्द की पूरी भाजपा की राजनीति नजर आने वाली है।













Click it and Unblock the Notifications