दिल्ली दरबार में तैयार होगी उत्तराखंड चुनाव की रणनीति, आपदा और चुनाव को लेकर सोनिया करेंगी मंथन
सोनिया ने प्रदेश के सीनियर नेताओं को 26 अक्टूबर को दिल्ली बुलाया
देहरादून, 25 अक्टूबर। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है। सत्ता में वापसी के लिए हाईकमान ने चुनावी साल में नए सिरे से रणनीति तैयार कर संगठन स्तर पर फेरबदल और चुनाव अभियान समिति का सबसे पहले गठन किया। जिसके बाद से पार्टी प्रदेश स्तर पर परिवर्तन यात्रा और सैनिकों को सम्मान करने का अभियान चला रही है। इसी बीच प्राकृतिक आपदा ने उत्तराखंड में भारी तबाही मचाई। जिसके बाद से आपदा को अवसर मानकर राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से पीड़ितों और प्रभावितों से मिलकर सियासी लाभ लेने में जुटे हैं। ऐसे में कांग्रेस को चुनावी साल में आपदा प्रबंधन का बड़ा मुद्दा मिल गया है। जिसको लेकर हाईकमान भी गंभीर हो गया है। ऐसे में दिल्ली दरबार से उत्तराखंड कांग्रेसियों के लिए बुलावा आना चुनावी साल की अहम रणनीति का फैसला माना जा रहा है। हरीश रावत को पंजाब प्रभार से मुक्त करने के बाद हाईकमान अब उत्तराखंड पर पूरी तरह से फोकस करने के लिए नया टास्क देगीा

26 अक्टूबर को दिल्ली बुलाया
कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को 26 अक्टूबर को दिल्ली बुलाया है। इस दौरान सोनिया गांधी उत्तराखंड में आई आपदा की समीक्षा के साथ चुनावी तैयारियों पर प्रदेश के नेताओं के साथ चर्चा करेंगी। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान प्रमुख हरीश रावत, प्रदेश प्रभारी देवेन्द्र यादव, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह भी मौजूद रहेंगे। कांग्रेस आपदा प्रबंधन को लेकर भाजपा सरकार को चुनावी साल में कटघरे में खड़ा करना चाहती है। उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन को लेकर हमेशा सिस्टम सवालों के घेरे में रहता है। जिससे सरकार को घेरना आसान रहता है। 2013 में केदारनाथ की आपदा के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार को नेतृत्व परिवर्तन करना पड़ा था। एक बार फिर उत्तराखंड में भीषण आपदा ने तबाही मचाई है। जिसको लेकर कांग्रेस धामी सरकार को घेरने में जुटी है। इसी के चलते कांग्रेस की और से हरीश रावत, गणेश गोदियाल और प्रीतम सिंह आपदाग्रस्त क्षेत्रों में डेरा डाल चुके हैं। जिसमें सरकार को फेल बताकर कांग्रेस प्रभावितों के साथ खुद को खड़ा कर विश्वास जीतने में जुटी है। अब हाईकमान भी आपदा में अवसर की तलाश कर नए सिरे से रणनीति तैयार करेगी। जिसका असर चुनाव में भी दिखना तय है।
बागियों पर भी चर्चा संभव
आपदा के अलावा हाईकमान चुनावी तैयारियों पर भी प्रदेश के नेताओं से रिपोर्ट तलब करेगी। जिसमें अब तक के कार्यों और भविष्य की रणनीतियों को लेकर चर्चा होगी। कांग्रेस ने प्रदेश में चुनाव पर्यवेक्षक तैनात कर दिए हैं। जिसके बाद अब टिकट बंटवारे की प्रक्रिया शुरू होगी। पर्यवेक्षक विधानसभावार अपनी रिपोर्ट तैयार करने में जुट जाएंगे। इसके लिए संभावित फॉर्मूले पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही बागियों की वापसी को लेकर भी इस बैठक में चर्चा होना तय है। कांग्रेसी सूत्र इस बात का दावा कर रहे हैं कि दीवाली में कांग्रेस बड़ा धमाका करने जा रही है। बागियों और कुछ विधायकों के कांग्रेस में आने की चर्चाएं आए दिन हो रही हैं। जिसके लिए हाईकमान की मुहर का इंतजार है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से प्रदेश के नेता सभी सियासी मुद्दों पर चर्चा करने के बाद सुझाव और सहमति मांग सकते हैं।
दीवाली के बाद होगी परिवर्तन यात्रा
उत्तराखंड कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा का तीसरा चरण 5 नवंबर के बाद होगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि राज्य में परिवर्तन यात्रा का अगला चरण पांच नवंबर के बाद शुरू होगा। इसके अलावा हल्द्वानी में आयोजित होने वाला विजय संकल्प शंखनाथ कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। 31 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि 31 अक्टूबर को प्रियदर्शनी शौर्य सम्मान दिवस के रूप में मनाई जाएगी। इस दौरान पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा।












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