Rishikesh-Karnprayag Project: पहाड़ पर ट्रेन चढ़ाने को शिव-शक्ति का सहारा,टनल की सुरक्षा को क्या है नई तकनीक

पहाड़ पर ट्रेन चढ़ाने का सपना पूरा करने के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में सुरंगों की खोदाई में टनल बोरिंग से काम लिया जा रहा है।

खास बात ये है कि देवभूमि की इस बहुप्र​तीक्षित रेल प्रोजेक्ट में जिन टनल बोरिंग मशीन को लगाया गया है उनका नाम है शिव और शक्ति।

Rishikesh-Karnprayag Project Shiv-Shakti Tunnel Boring Machine climb train mountain new technology

जिन दो टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) शिव और शक्ति से खुदाई की जा रही है, उनसे इसी वर्ष जून में रिकार्ड 796 मीटर सुरंग का निर्माण कार्य पूरा किया। इसमें 552 मीटर खोदाई शक्ति और 244 मीटर खोदाई शिव से की गई। इससे पहले मई तक इन मशीनों से हर माह औसतन 500 मीटर खोदाई की जा रही थी।

उत्तराखंड में नवंबर-2023 में आल वेदर रोड परियोजना की सिलक्यारा सुरंग में हुए भूस्खलन के बाद रेल परियोजना की सुरंगों में खतरे की आशंका के बाद अब रेल विभाग भी अलर्ट है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे सुरंग खोदाई और निर्माण के लिए जिस तकनीक का प्रयोग कर रहा है, उसमें खोदाई के साथ प्रत्येक मीटर पर कंक्रीटिंग की जाती है। जिससे सुरंग को मजबूती मिलती है।

चार धाम के लिए केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी ऋषिकेश -कर्णप्रयाग रेल परियोजना में 213 किमी की सुरंगें हैं, जिसमें से अभी 171 किमी का कार्य पूरा हो चुका है और बाकि का कार्य तेज गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का कार्य 2026 के मध्य तक पूरा हो जाएगा और ये अपने आप में एक कीर्तिमान होगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हिमालय के पहाड़ क्योंकि अभी युवा हैं, इसलिए इसमें अधिकत्म मिट्टी पाई जाती है, जो सुरंग बनाने में मुश्किल पैदा करती है। इसलिए हिमालय के पहाड़ों में सुरंग बनाने के लिए हिमालयन टनलिंग मेथ्ड यानी एचटीएम को इजाद किया गया है, जिससे हिमालय के युवा वलित पहाड़ों के भीतर सुरंग बनाई जा सकती है। एचटीएम के माध्यम से संतुलित टनल बनाई जाती है।

एक नजर प्रोजेक्ट पर-

  • ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना कुल 16216 करोड़ रुपये
  • सबसे लंबी सुरंगों में काम कर रही दो टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) शिव और शक्ति
  • इसी वर्ष जून में रिकार्ड 796 मीटर सुरंग का निर्माण कार्य पूरा किया। सुरंगों की कुल लंबाई 213.4 किमी है। अब तक 80 प्रतिशत काम पूरा
  • ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 125 किमी लंबी इस परियोजना में 104 किमी लंबी रेल लाइन 17 सुरंगों से होकर गुजरेगी।
  • मुख्य सुरंगों के साथ आपात स्थिति के लिए 12 निकास सुरंग और इन दोनों सुरंगों को जोड़ने के लिए क्रास पैसेज व निकास सुरंगों को नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए एडिट सुरंगों का निर्माण भी किया जा रहा है।
  • इन्हें मिलाकर सुरंगों की कुल लंबाई 213.4 किमी है।।
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