धामी सरकार का 2 माह का रिपोर्ट कार्ड :फैसलों में दिखी धामी की धमक, चुनावी परिणाम में बदलने की चुनौती

युवा सीएम के तौर पर अब तक पुष्‍कर सिंह धामी ने लिए निर्णायक फैसले

देहरादून, 4 सितंबर। चुनावी साल में उत्तराखंड की कमान मिलने के बाद से शनिवार को बतौर सीएम पुष्कर सिंह धामी का 2 माह का कार्यकाल पूरा हो गया है। सीएम बनने के बाद से ही पुष्कर सिंह धामी खुद को जनता का मुख्य सेवक बताते हुए युवाओं, महिलाओं, बच्चों, कर्मचारियों हर वर्ग को साधने की कोशिश में जुटे हैं। लेकिन क्या 2 माह के कार्यकाल में जिस तरह फैसले लेने में धामी की धमक नजर आई है, क्या वह चुनाव परिणाम में भी नजर आएगी?

Dhami governments report card for 2 months - Dhamis threat seen in decisions, the challenge of converting it into election results

साढ़े 4 साल में तीसरे सीएम के तौर पर ली शपथ
बीजेपी शासन के साढ़े 4 साल में तीसरे मुख्यमंत्री के तौर पर 4 जुलाई को पुष्कर सिंह धामी ने शपथ ली। शपथ लेने के बाद से युवा सीएम के तौर पर धामी ने अपनी छवि के अनुरूप ही फैसले लेने शुरु किये। सबसे पहले युवाओं के लिए रोजगार देने और भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सीएम ने 22 हजार पदों पर नियुक्ति देने का ऐलान किया। इसके बाद कोविड में अपनों को खो चुके बच्चों के लिए सीएम ने वात्सल्य योजना लाकर धामी ने ऐसे असहाय बच्चों को सहारा और सुरक्षा देने का सरकार ने काम किया है। इसके अलावा बीजेपी सरकार में जिन मसलों पर विरोध हो रहा है, उनमें देवस्थानम और भू कानून को लेकर हाईपॉवर कमेटी बनाकर धामी ने काफी ​हद तक डेमेज कंट्रोल करने की कोशिश की है।

न फैसले बदले, न जुबान ​फिसली
धामी के लिए चुनावी साल में पार्टी की ​छवि और खुद को प्रुफ करना का चेलेंज है। धामी को 6 माह की पारी खेलने का मौका मिला है। ऐसे में 6 माह में धामी को बीजेपी सरकार के साढ़े 4 साल की छवि जिसमें पूर्ववर्ती सरकार के लिए गए विवादित फैसलों को लेकर भी जनता के सामने इमेज बदलने की चुनौती है। इसके साथ ही 6 माह में अपनी सरकार के कार्यों को धरातल पर उतारने का टारेगट है। धामी की धमक फैसलों में जरुर नजर आ रही है। लेकिन बतौर सीएम जनता में उनको अपनी धमक वाली छवि उतारनी है। धामी ने 2 माह में न तो पूर्ववर्ती सरकार के किसी फैसले को बदला है और नहीं उनकी ​जुबान फिसली है। जो कि उनको बीजेपी के पूर्व सीएम से अलग करता है।

धामी सरकार के 2 माह के बड़े फैसले-
- धामी सरकार ने कोविड से बुरी तरह प्रभावित चारधाम व पर्यटन सेक्टर के लिए दो सौ करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज दिया।
- स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी प्रोत्साहन की घोषणा, हेल्थ सेक्टर के लिए 205 करोड़ रुपये का पैकेज देकर मुश्किल हालातों में स्थिति संभालने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मान दिया।
-22 हजार से अधिक उपनल कर्मचारियों की समान कार्य का समान वेतन व नियमितीकरण मांग पर मंत्रिमंडल की उपसमिति बनाई।
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-चारधाम देवस्थानम बोर्ड को लेकर तीर्थ पुरोहितों और हक हकूकधारियों के आंदोलन को देखते हुए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन।
- सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न को 7500 रुपये प्रतिमाह से बढ़कर 17,000 रुपये की गई है।
-अतिथि शिक्षकों की सैलरी बढ़ाकर 25000 की गई।
-कोविड पीड़ित परिवारों के बेसहारा बच्चों को वात्सल्य योजना से लाभान्वित कर उन्हें सहारा देना।
-सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 11 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
-गवर्नमेंट डिग्री कॉलेजों के 1 लाख छात्रों को टैबलेट उपलब्ध कराया जायेगा।
- कैंट बोर्ड में निवास करने वाले भूतपूर्व सैनिकों का भवन कर माफ करने के लिए कार्यवाही।
-पूर्व मुख्य सचिव, अध्यक्ष, उत्तराखण्ड राजस्व परिषद् सुभाष कुमार की अध्यक्षता में भू कानून को लेकर समिति का गठन।
-पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को 10,000 हजार रुपए की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
- प्रदेश के सभी विद्यालयों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
-शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति की राशि को 250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने और साथ ही इसके लाभान्वितों की संख्या को 11 से बढ़ाकर 100 करने की घोषणा की।
-श्रीदेव सुमन राज्य मेधावी छात्रवृत्ति की राशि को 150 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने की भी घोषणा की।
-ऊर्जा विभाग के अंतर्गत विद्युत बिलों के फिक्स्ड चार्ज को 03 माह हेतु छूट प्रदान की जाएगी। इससे लगभग 2,24,604 लोग लाभान्वित होंगे। जिस पर अनुमानित व्यय राशि 2463.81 लाख होगी।
-परिवहन विभाग के अंतर्गत सेवायान कर में छह माह के लिए छूट दी जाएगी। इसमें लाभार्थियों की अनुमानित संख्या 96380 है जबकि अनुमानित व्यय भार 7580.00 लाख रुपये होगा।
-शहरी विकास विभाग के अंतर्गत पर्यावरण मित्रों को 2000 रुपये की प्रोत्साहन धनराशि पांच महीने तक दी जाएगी। इससे लगभग 8300 पर्यावरण मित्र लाभान्वित होंगे। इस पर लगभग 830.00 लाख रुपये का व्यय भार आएगा।
-पीएम स्वनिधि में पंजीकृत सभी लाभार्थियों को पांच माह तक 2-2 हजार रूपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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