उत्तराखंड में पेपरलीक मामलों से बचने के लिए हाईटेक तरीके अपनाने की तैयारी, AI ऐसे करेगा मदद
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित नीट परीक्षा पेपर लीक के बाद अब हर संस्था प्रतियोगी और अन्य परीक्षाओं को लेकर सतर्क हो गई है। उत्तराखंड में भी पेपरलीक के मामले सामने आ चुके हैं।
जिसके बाद से पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए सरकार से लेकर एजेंसी तक सतर्क हो चुकी है। पेपरलीक मामले सामने आने के बाद से कई सख्त कदम उठाए जा चुके हैं। अब हाईटके तरीके अपनाए जा रहे हैं। जिसमें आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस (AI) का सहयोग लिया जा सकता है।

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) अपनी आने वाले लिखित परीक्षा में पहली बार आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस के माध्यम से परीक्षा निगरानी करेगा। इसके साथ ही कुछ संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी लाइव परीक्षा भी कराई जाएगी। जिस विभाग के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा होगी उस विभाग के अधिकारियों की एक फ्लाइंग टीम परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेगी।
यूकेएसएसएससी इस नई व्यवस्था का ट्रायल समूह ग के सवा दो सौ से अधिक पदों के लिए ली जा रही लिखित परीक्षा में कर चुकी है। अब होने वाली परीक्षा के केंद्रों में से अति संवेदनशील और संवेदनशील दो परीक्षा केंद्रों पर अत्याधुनिक आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस तकनीकी से सीसीटीवी से पूरी परीक्षा पर निगरानी रखी जाएगी।
इस तरह से यूकेएसएसएससी पूरे परीक्षा केंद्रों पर सीधे निगरानी भी रखेगा और हर गतिविधि पर नजर रहेगा। हाल ही में सामने आए नकल और पेपर लीक के मामलों ने यूकेएसएसएससी की चिंता बढा दी है। उत्तराखंड में यूकेएसएसएसपी के पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं।
जिससे संस्था को साफ और सही तरह से पेपर कराने की चुनौती है।उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक मामले में प्रदेश में खूब बवाल हुआ। युवाओं और छात्रों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। सीएम धामी ने पेपरलीक मामले पर सख्ती अपनाते हुए जांच कराई। एसटीएफ को मामला सौंपा गया। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 64 लोगों को गिरफ्तार किया। जिसमें से 12 के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई हुई।












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