Uttarakhand: मृतक समझकर कर दिया था पिंडदान, जीवित मिला तो फिर से हुआ नामकरण और विवाह संस्कार
उत्तराखंड के उधमसिंह नगर खटीमा के श्रीपुर विचुवा के नवीन भट्ट का दोबारा नामकरण और विवाह संस्कार कराया गया। हिंदू धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हुए परिजनेां की सहमति से नवीन का नया नाम नारायण रखा गया है।

नवीन को मृत समझकर घर वालों ने पिंडदान कर दिया था। जिसके बाद बेटा श्राद्ध कर्म भी करने लगा था। लेकिन घटना के तीसरे दिन नवीन के जीवित होने की सूचना मिली। जिसके बाद पूरी सच्चाई सामने आ गई।
उधमसिंह नगर के खटीमा में 23 नवंबर को रुद्रपुर से रेफर किए गए युवक की सुशीला तिवारी हल्द्वानी अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की जेब से श्रीपुर विचुवा के नवीन चंद्र की फोटो और कोरोना काल के समय का मेडिकल फॉर्म मिला। जो कि डेढ़ साल से लापता चल रहा था।
जानकारी की तो परिजनों को सूचना दी गई। परिजनों ने नवीन समझकर 26 नवंबर को बनबसा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद घरवालों ने पूरे रीतिरिवाज से संस्कार तक पूरे कर लिए। बेटे को क्रियाक्रम में बैठाया गया।
तीसरे दिन नवीन के भाई केडी भट्ट को एक परिचित ने नवीन के जीवित होने और वीडियो कॉल के जरिए बात कराई। इसके बाद नवीन को घर वापस लाया गया। ऐसे में हिंदू मान्यताओं की वजह से किसी शव की अंत्येष्टि करने के बाद पिंडदान कर चुके थे, इस वजह से दोबारा नामकरण किया गया। जिसमें नया नाम नारायण रखा गया। और पत्नी रेखा से दोबारा विवाह कराया गया।












Click it and Unblock the Notifications