उत्तराखंड विधानसभा सत्र का दूसरा दिन: सीएम ने किया कुछ ऐसा कि कांग्रेसी विधायक भी हो गए मुरीद
सदन से लेकर सड़क तक कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
देहरादून, 24 अगस्त। उत्तराखंड में विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सदन से लेकर सड़क तक कांग्रेसियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के विधायकों ने जहां सदन के अंदर मोर्चा संभाले रखा तो वहीं सड़क पर कांग्रेसियों ने अलग-अलग मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने का काम किया। लेकिन इन सब के बीच सत्र का दूसरे दिन सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपने नाम कर लिया। विधानभा परिसर में धरने पर बैठे कांग्रेस के 2 विधायकों को सीएम ने पहले तो मौके पर जाकर मुलाकात की। इसके बाद अपने कक्ष में बुलाकर समस्या का समाधान तलाशने को अधिकारियों को जरुरी निर्देश भी दिए। इस पूरे प्रकरण के बाद धामी की विपक्ष के विधायकों ने भी जमकर तारीफ की।

कांग्रेसी विधायकों ने दिया धरना, सीएम ने मनाया
मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार सुबह कांंग्रेस के विधायक हरीश धामी व मनोज रावत विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गए। हाथ में तख्ती लेकर विधायक अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की मांग करने लगे। सीएम पुष्कर सिंह धामी जैसे ही सत्र की कार्यवाही के लिए आए, सीधे विधायकों के पास पहुंचे। सीएम धामी विधायकों को अपने साथ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय ले गए, जहां उन्होंने दोनों विधायकों की समस्याओं को सुना। विधायक हरीश धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र धारचूला में मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या की बात कहते हुए मोबाइल टावर लगाए जाने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने क्षेत्र की सड़कों के संबंध में भी अपनी बात रखी। केदारनाथ के विधायक मनोज रावत ने कोविड संक्रमण में कमी को देखते हुए चारधाम यात्रा को शुरू करने की मांग की। सीएम ने अधिकारियों के सामने ही दोनों विधायकों की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।
चारधाम यात्रा को शुरू करवाने को धरना और उपवास
चारधाम यात्रा को शुरू करवाने के लिए कांग्रेस ने सदन से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के विधायक मनोज रावत ने सदन के अंदर धरना दिया तो कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व सीएम हरीश रावत ने देहरादून स्थित आवास में एक घंटे का उपवास रखा। हरीश रावत ने कहा कि चारधाम_यात्रा जो उत्तराखंड की एक बड़े हिस्से की अर्थव्यवस्था का सहारा है, वो बंद पड़ी है और लगातार बंद पड़ी है, उसके बंद रहने से जिन लोगों की आजीविका पर फर्क पड़ रहा है वो लोग बद्रीनाथ में और कुछ अन्य स्थानों पर उपवास पर बैठे हुये हैं। मैं उनके साथ अपनी एकजुटता जाहिर करते हुए उनके समर्थन में 1 घंटे का मौन उपवास रखा।
किशोर ने भी किया उपवास
वनाधिकार आंदोलन के संस्थापक कांग्रेस के नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी विधानसभा के पास अपनी मांगों को लेकर सांकेतिक उपवास रखा। किशोर उपाध्याय ने उत्तराखंडियों को ओबीसी में सम्मिलित करने, राज्य में वनाधिकार कानून-2006 लागू करने और वनों पर उत्तराखंडियों के पुश्तैनी हक-हकूक बहाल करने के लिये सांकेतिक उपवास रखा। इस दौरान कांग्रेस के नेता हरीश रावत और अन्य नेताओं ने भी विधानसभा के पास जाकर किशोर उपाध्याय के उपवास को अपना समर्थन दिया।
संगठनों का सचिवालय कूच
मंगलवार को सदन के बाहर स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग में फार्मेसिस्ट भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे बेरोजगार डिप्लोमा (एलोपैथिक) फार्मेसिस्टों ने विधानसभा कूच किया। पुलिस ने उन्हें रिस्पना पुल से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इससे आक्रोशित बेरोजगार फार्मेसिस्ट वहीं धरने पर बैठे रहे। सीटू से संबद्ध उत्तराखंड भोजनमाता कामगार यूनियन ने भोजनमाताओं के मानदेय को बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में भोजनमाताओं ने विधानसभा कूच किया। भोजनमाताओं ने मानदेय बढ़ोतरी व नियमितीकरण की मांग भी की है।
तीर्थ पुरोहितों ने सीएम से की भेंट
देवस्थानम बोर्ड को लेकर चुनावी साल में पुरोहितों का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी और केदारनाथ की पूर्व विधायक शैलारानी रावत के नेतृत्व में केदारनाथ व बदरीनाथ के तीर्थ पुरोहितों के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। मुलाकात के दौरान देवस्थानम बोर्ड पर सीएम ने कहा कि राज्य सरकार सभी पक्षों को सुनेगी और उनकी चिंताओं का समाधान करेगी। सीएम ने कहा कि संवादहीनता नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार बातचीत के माध्यम से रास्ता निकालेगी। बातचीत से सभी शंकाएं दूर की जाएंगी और जहां सुधार की जरूरत होगी, राज्य सरकार सुधार करेगी। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी वार्ता के माध्यम से समाधान निकाले जाने पर सहमति व्यक्त की।












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