ऑपरेशन सिलक्यारा से निकला जीत का मजदूर मंत्र, जानिए लोकसभा चुनाव में BJP के लिए कैसे साबित हो सकता है संजीवनी
17 दिनों तक चले ऑपरेशन सिलक्यारा का सुखद अंत हो गया। सभी 41 मजदूर सुरक्षित बाहर आए गए। अब राज्य और केंद्र सरकार ने राहत की सांस ली है। ये रेस्क्यू अभियान ऐसे समय पर हुआ है जब 2024 के लोकसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है। ऐसे में विपक्ष इस मामले को लेकर लगातार हमलावर रहा है।

साथ ही मजदूरों की सुरक्षा और कार्यदायी संस्था पर कई तरह के सवाल उठते रहे हैं। लेकिन जिस तरह धामी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार ने मिलकर इस रेस्क्यू अभियान को अंजाम तक पहुंचाया। वह एक बड़ी जीत मानी जा रही है। राजनीति के जानकारों की मानें तो इस अभियान को अंजाम तक पहुंचाने का लाभ भाजपा को लोकसभा चुनाव में मिलना तय माना जा रहा है।
उत्तरकाशी की सिल्क्यारा सुरंग इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। सुरंग के निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही हादसा हो गया। जिसमें 41 मजदूर 17 दिन तक फंसे रहे। इसके बाद शुरू हुआ ऑपरेशन सिलक्यारा। जिसमें राज्य के अलावा केंद्र की कई टीमें, एजेंसियों, विदेशी एक्सपर्ट्स ने दिन रात एक कर सभी को सकुशल बाहर निकाला। इस अभियान को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर पूरा करवाया।
जब मजदूरों को बाहर निकलवाया गया तब भी सीएम धामी ने खुद टनल के अंदर रहकर एक एक मजदूर को रिसीव किया और उनका सम्मान करने के साथ ही हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाई। इस पूरे अभियान में केंद्र की टीम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉनिटरिंग करने और हर प्रकार से मदद करने को कहा। जिस वजह से अब तक का सबसे बड़ा रेस्क्यू अभियान सफल हो पाया।
इस हादसा के बाद राजनीति भी जमकर हुई। विपक्ष ने कई बार सरकार को घेरने की कोशिश की। लेकिन अब अभियान के सफल होने और मजदूरों के सकुशल बाहर आने के बाद विपक्ष से भाजपा ने चुनाव से पहले मुद्दा छीन लिया। जिस तरह से अब राज्य और केंद्र सरकार इसकी सफलता को जनता के बीच लेकर जा रही है और आर्थिक मदद से लेकर श्रमिकों को घर तक पहुंचाने का भी जिम्मा उठा रही है, उसका सियासी लाभ भाजपा को मिलना तय माना जा रहा है।
टनल के अंदर उत्तराखंड के 2, बिहार के 4, पश्चिम बंगाल के 3, असम के 2, झारखंड के 15, उत्तरप्रदेश के 8, हिमाचल का 1 व ओडिशा के 5 मजदूर फंसे रहे। ये मजदूर बाहर आने के बाद अपने अपने राज्यों बिहार,पश्चिम बंगाल,असम, झारखंड, उत्तरप्रदेश, हिमाचल, ओडिशा राज्यों में अच्छा संदेश लेकर जाएंगे। जो कि भाजपा के लिए चुनाव में संजीवनी का काम कर सकता है।
इन मजदूरों के घर सकुशल वापसी के बाद अब राज्य सरकारें भी इस अभियान के सफल होने पर धामी सरकार व केंद्र सरकार को बधाई दे रही हैं। इतना ही नहीं श्रमिक व उनके परिजन भी पीएम मोदी और सीएम धामी को शानदार काम और बेहतर प्रबंधन को लेकर बार बार धन्यवाद देते हुए नजर आ रहे हैं। इससे साफ है कि श्रमिक वोट बैंक भाजपा के लिए लोकसभा चुनाव में मजबूत वोट बैंक बनकर सामने आ सकता है।
उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत का कहना है कि
भाजपा के लिए आपदा हर बार चुनाव में अवसर बन कर आती है। सिलक्यारा अभियान के सफल होने का फायदा निश्चित ही भाजपा को चुनाव में हो सकता है। इसका श्रेय लेने की भी अभी से होड़ देखी जा सकती है। हालांकि जिस तरह सिलक्यारा में रेस्क्यू को अंजाम तक पहुंचाया गया उसकी हर तरफ तारीफ हो रही है।












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