भू कानून, बदरीनाथ, केदारनाथ मंदिर में इस पर लगे पाबंदी, जानिए चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत की क्या हैं मांगे
उत्तराखंड में मूल निवास और भू कानून को लेकर 24 दिसंबर को प्रस्तावित रैली को लेकर कवायद तेज हो गई है। इस बीच गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के आंदोलन को समर्थन देन के बाद अब कई सामाजिक संगठन समर्थन देने को आगे आ रहे हैं। अब चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने भी प्रदेश में सख्त भू-कानून को लेकर 24 दिसंबर को प्रस्तावित रैली का समर्थन किया है।

महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया कि बैठक में चारधाम यात्रा काल की समीक्षा की गई। महापंचायत ने केदारनाथ धाम के गर्भ गृह में सोना प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग की है। साथ ही चारधामों के तीर्थपुरोहितों को इसमें शामिल करने की मांग की गई है।
महापंचायत का कहना है कि बदरीनाथ धाम में कुबेर गली का जल्दी निर्माण किया जाए। बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में शीतकाल के दौरान मानवीय गतिविधि पर रोक लगाने की मांग की है। महापंचायत ने धामों के गर्भगृह की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी पर सख्ती से प्रतिबंध लगाने की वकालत की।
बैठक में चारधाम शीतकालीन पूजा स्थलों के व्यापक प्रचार प्रसार करने पर सहमति बनी। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की 27 तारीख से प्रारंभ होने वाली चारधाम शीतकालीन तीर्थयात्रा में महापंचायत सहयोग करेगी।
प्रदेश में मजबूत भू कानून और मूल निवासियों के हकों को लेकर आगामी 24 दिसंबर को देहरादून में एक महारैली होने जा रही है। गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ने उत्तराखंड के रहवासियों से 'मूल निवास स्वाभिमान महारैली' में शामिल होने का आह्वान किया है। नेगी दा ने अपने सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो जारी किया है।
वीडियो के जरिए उन्होंने प्रदेश के सभी युवाओं, बेरोजगारों और मूल निवासियों से आगामी 24 दिसंबर होने जा रही महारैली का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिस समाज के लिए अपने ही राज्य में पहचान का संकट खड़ा हो जाए, उस समाज का भविष्य कभी भी सुरक्षित नहीं रह सकता है।












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