जानिए कौन हैं शूटर मनु भाकर के कोच और कहां से सीखे निशानेबाजी के गुर, देहरादून से क्या है खास कनेक्शन
पेरिस ओलंपिक 2024 भारत के लिए पहला मेडल जीतने वाली शूटर मनु भाकर का देहरादून से खास कनेक्शन है।
महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में बॉन्ज मेडल जीतने वाली मनु के गुरु जसपाल राणा हैं। जो कि उत्तराखंड के रहने वाले हैं।

जिनका देहरादून में जसपाल राणा निशानेबाजी संस्थान हैं। संस्थान ने भी इस बात की पुष्टि की है। ओलंपिक शुरू होने से पहले करीब डेढ़ महीने तक देहरादून के पौंधा स्थित जसपाल राणा निशानेबाजी संस्थान में बनी शूटिंग रेंज में मनु ने ट्रेनिंग ली।
गोल्डन बॉय नाम से प्रसिद्ध जसपाल राणा
मनु को उत्तराखंड के गोल्डन बॉय नाम से प्रसिद्ध जसपाल राणा ने प्रशिक्षण दिया। मनु प्रशिक्षण के लिए अक्सर देहरादून आती थीं। गोल्डन बॉय जसपाल राणा मनु के व्यक्तिगत कोच हैं। मनु की सफलता के बाद संस्थान में भी दिनभर जश्न मनाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ओलंपिक शुरू होने से पहले मनु ने शूटिंग रेंज में 12-12 दिनों के दो कैंप में प्रतिभाग किया।
निशानेबाजी में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए
देश को कई विश्वस्तरीय शूटर देने वाले अनुभवी कोच जसपाल राणा द्रोणाचार्य पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं। जूनियर भारतीय पिस्टल टीम के मुख्य कोच जसपाल राणा उत्तराखंड(देहरादून) के रहने वाले हैं। उन्होंने निशानेबाजी में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए हैं। साल 1994 में 18 साल की उम्र से ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने का सिलसिला शुरू कर दिया था।
पिता भी हैं शूटिंग क्षेत्र से जुड़े
एशियन गेम्स में जसपाल राणा ने भारत को निशानेबाजी में स्वर्ण पदक दिलाकर देश का नाम रोशन किया था। उनके पिता नारायण सिंह राणा से लेकर बच्चे भी शूटिंग के क्षेत्र में देश नाम कमा रहे हैं। उनके पिता नारायण सिंह राणा और जसपाल राणा राजनीति में भी अपना हाथ आजमा चुके हैं।
जसपाल राणा ने साल 2009 का लोकसभा चुनाव टिहरी सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में लड़ा, लेकिन वे हार गए थे। जसपाल के पिता नारायण सिंह राणा और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आपस में समधी हैं।












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