उत्तराखंडी ने बजाया जीत का डंका, जानिए कौन हैं चुनावी राज्यों में सबसे ज्यादा वोटों से जीतने वाले रमेश मेंदोला
मध्य प्रदेश की इंदौर-2 विधानसभा से उत्तराखंडी रमेश मेंदोला ने सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल करते हुए लगभग 1 लाख 8 हजार वोटों से कांग्रेस प्रत्याशी चिंटू चौकसे को चुनाव हराया है। जो कि एक नया रिकॉर्ड है। खास बात ये है कि एमपी ही नहीं राजस्थान, छत्तीसगढ़ में भी किसी प्रत्याशी ने इतने अंतर से जीत दर्ज नहीं की है। इस तरह रमेश मेंदोला ने एक साथ कई रिकॉर्ड बनाए हैं। जिससे उत्तराखंड के लोगों को भी गर्व हो रहा है।

रमेश मेंदोला पौड़ी गढ़वाल के रिखणीखाल ब्लॉक के द्वारी गांव से मूल निवासी हैं। इससे पहले दो विधानसभा चुनावों में भी सबसे ज्यादा जीत का अंतर रखने का रिकॉर्ड भी रमेश मैंदाला के नाम हैं। रमेश मैंदाला के मौसरे भाई दामोदर ध्यानी देहरादून में रहते हैं जो कि अपने भाई की जीत से काफी खुश है।
बताया कि रमेश मैंदाला के पिता कई साल पहले काम की तलाश में इंदौर गए। जहां कपड़े के कारखाने में नौकरी की। बाद में परिवार वहीं बस गया। सात भाइ बहनों में रमेश मैंदोला तीसरे नंबर के हैं। जो शुरूआत से ही समाज सेवा से जुड़े रहे। वे सबसे पहले पार्षद का चुनाव जीते बाद में भाजपा ने उन्हें टिकट देकर विधानसभा चुनाव लड़ाया। उनकी रिकॉर्ड जीत ही उनके काम की उपलब्धि बताई जा रही है।
मध्य प्रदेश में सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले भाजपा के रमेश मेंदोला ने अपने सियासी सफर की शुरुआत सामान्य कार्यकर्ता से की। इसके बाद उन्होंने पार्षद का चुनाव जीता। मेंदोला बीजेपी के नगर अध्यक्ष भी रह चुके हैं।बीजेपी की ओर से पहली बार विधानसभा चुनाव के लिए टिकट मिलने पर ही रमेश मेंदोला ने जीत का बड़ा रिकॉर्ड कायम किया था, जिसके बाद में मेंदोला लगातार आगे बढ़ते चले गए, और जीत का रिकॉर्ड कायम करते चले गए। रमेश मेंदोला को बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का बेहद करीबी नेता माना जाता है।












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