यूपी में केदारनाथ मंदिर! चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने जताया कड़ा विरोध, चौतरफा घिरे अखिलेश यादव
Kedarnath Temple in Saifai: उत्तर प्रदेश के सैफई में केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर बन रहे केदारेश्वर मंदिर के निर्माण को लेकर विवाद बड़ता जा रहा है। केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों के बाद अब उत्तराखंड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
राज्य सरकार ने भी इस मामले की जांच करने की बात की है। जिसके बाद यूपी के पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश के सैफई में करोड़ों की लागत से केदारनाथ मंदिर के वास्तु जैसा ही मंदिर का निर्माण किया गया है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए इसका वीडियो जारी किया है। वीडियो सामने आने के बाद तीर्थ पुरोहितों ने इसका कड़ा विरोध किया है। उत्तराखंड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने इस प्रकरण पर कहा कि करोड़ों सनातन धर्माबलमिबों की भावना का सम्मान होना चाहिए। उत्तराखंड स्थित चार धामों की प्रतिकृति (वास्तु), उसके नाम और इनके नाम पर किसी भी तरह का ट्रस्ट बनाए जाने का कड़ा विरोध किया जाएगा।
गर्भ गृह में केदारनाथ लिंग स्थापित
उत्तराखंड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा है कि सैफई में केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति के निर्माण के साथ गर्भ गृह में केदारनाथ जी का लिंग स्थापित किया गया है। महापंचायत के पदाधिकारियों ने अखिलेश यादव से कहा है कि वह करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए केदारनाथ मंदिर की वास्तु से अलग मंदिर का निर्माण करें।
न्यायालय की शरण ली जाएगी
महापंचायत ने कहा कि मंदिर निर्माण पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है। यह सभी सनातनियों का अधिकार है। महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल एवं महासचिव बृजेश सती ने कहा इस संदर्भ में महापंचायत विधिक राय ले रही है और संभव हुआ तो न्यायालय की शरण ली जाएगी। जल्दी ही चारों धामों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
धामी कैबिनेट में प्रस्ताव पास
इससे पहले दिल्ली में केदारनाथ मंदिर बनाने को लेकर भी विरोध हो चुका है। जिसके बाद संस्था ने इसका निर्माण कार्य रोक दिया। इसके बाद 18 जुलाई 2024 को धामी कैबिनेट में एक प्रस्ताव पास हुआ था, जिसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि देश में कहीं भी उत्तराखंड चारधाम के नाम या फिर उस शैली में किसी भी मंदिर का निर्माण नहीं होगा।
पूरे मामले की जांच
इसके लिए उत्तराखंड सरकार ने सभी राज्यों को पत्र भी लिखा था। साथ ही बताया गया था कि यदि कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कानून कार्रवाई भी की जाएगी। अब इटावा में इस तरह का मंदिर बनाया गया है, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है। उत्तराखंड के धर्मस्व व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि है कि सरकार की जानकारी में ये बात अभी सामने आई है। इस पूरे मामले की जांच करवाई जा रही है।
सावन के पहले सोमवार की सबको अनंत शुभकामनाएँ! pic.twitter.com/92PAvKb14t
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 14, 2025












Click it and Unblock the Notifications