Joshimath Sinking: जोशीमठ में भू-धंसाव के बाद मकानों पर क्यों लगाए जा रहे हैं लाल निशान?

जोशीमठ में संकट बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने घरों का सर्वे तेज कर दिया है। उसने ऐसे घरों पर लाल निशान भी लगाने शुरू कर दिए हैं।

Joshimath Sinking: Why are red marks being put on houses after landslides in Joshimath

Joshimath Sinking: उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में भू-धंसाव की घटनाओं के बीच जिला प्रशासन अलर्ट हो गई है। प्रशासन लगातार लोगों को वहां से निकालने की कोशिश कर रहा है। इसी बीच कई घरों में काफी बड़ी दरारें देखने को मिल रही है। इसी बीच प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों ने असुरक्षित घरों की पहचान शुरू कर दी है। प्रशासन इन घरों की लाल रंग से मार्किंग कर रहा है।

जिन घरों पर यह निशान लगाए गए हैं, वह खतरनाक स्थित में हैं

जिन घरों पर यह निशान लगाए गए हैं, वह खतरनाक स्थित में हैं

प्रशासन इलाके में प्रभावित लोगों के घरों पर लाल क्रॉस के निशान लगाए जा रहे हैं। इसका मतलब है कि जिन घरों पर यह निशान लगाए गए हैं। उन लोगों को अपने घर खाली करने पड़ेंगे और राहत शिविरों में जाना पड़ेगा। ये घर रहने के लिहाज के खतरनाक हैं। हालांकि, प्रशासन की इस पहल को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। टीमें अब रेड क्रॉस मार्क लगे घर के मालिकों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए मनाने की कोशिश कर रही हैं।

इन लाल निशानों से लोगों में नाराजगी

इन लाल निशानों से लोगों में नाराजगी

अब तक 603 घरों में दरारें आ चुकी हैं। इनमें 100 से ज्यादा घर ऐसे हैं, जो कभी भी ढह सकते हैं। वहीं प्रशासन अब तक 65 परिवारों को सुरक्षित जगह भेज चुका है। बाकी लोगों को भी सुरक्षित जगह पर भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं लोगों में इन रेड क्रॉस को लेकर काफी नाराजगी है। वे इसे असंवेदनशील करार दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि अचानक से उन्हें घर छोड़कर जाने के लिए कहा जा रहा है लेकिन यह भी स्थायी व्यवस्था नहीं है।

मनोहर बाग इलाका भू-धंसाव से सबसे अधिक प्रभावित

मनोहर बाग इलाका भू-धंसाव से सबसे अधिक प्रभावित

घरों पर लाल क्रॉस का निशान लगाए जाने से लोगों में काफी बेचैनी है। लोग अपनी घर-गृहस्थी छोड़कर जाने को तैयार नहीं हैं। भू-धंसाव से प्रभावित एक परिवार को कहना है कि, हम अचानक से अपना घर छोड़कर कहां जाएंगे? अपना सामान लेकर कहां जाएंगे और कहां रहेंगे? उन्होंने प्रशासन से अपील की कि हमारे खेत में टेंट लगा दो। हम उसी में रह लेंगे। जोशीमठ का मनोहर बाग इलाका भू-धंसाव से सबसे अधिक प्रभावित है।

इलाका प्रवेश के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा

इलाका प्रवेश के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा

यहां के लोगों को कहना है कि, घरों पर क्रॉस के निशान लगाकर राहत शिविरों में जाने को कहा जा रहा है। अगर पहले ही मानसिक रूप से तैयार कर लिया जाता तो शायद लोगों की तैयारी बेहतर होती। लोगों का कहना है कि, ये घर हमने खून-पसीने की कमाई से बनाए हैं। अब अचानक इतने बड़े घर को छोड़कर टेंट या दो कमरों में कैसे रहने लगें। जोशीमठ में हालात हर दिन के साथ और ज्यादा गंभीर होते जा रहे हैं। चमोली के जिलाधिकारी ने कहा कि, सिंहधर, गांधीनगर, मनोहरबाग, सुनील वार्ड असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। इन वार्डों में मार्किंग पूरी होने के बाद प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।

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