Joshimath Sinking: राहत कार्यों के लिए SDRF की 8 टीमें लगाईं गईं, सेना को भी अलर्ट मोड में रखा गया
Joshimath Sinking: जोशीमठ में आईं दरारों की वजह से कई परिवारों का अस्तित्व खतरे में आ गया है। यही वजह है कि राज्य सरकार की तरफ से राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना की 8 टीमों को तैनात कर दिया गया है।

Joshimath Sinking: उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में भू-धंसाव की वजह से 700 से अधिक परिवारों का अस्तित्व खतरे में आ गया है। यही वजह है कि जिन होटलों और घरों में दरारें आईं हैं, उन्हें प्रशासन की तरफ से गिराने का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासन की तरफ से असुरक्षित जोन घोषित क्षेत्रों को खाली भी करा लिया गया है। जोशीमठ को 'सिंकिंग जोन' घोषित किया गया है। केंद्र सरकार भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है। वहीं, यहां के जिन लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है, उन्हें सरकार की तरफ से भत्ता भी दिया जा रहा है।
Joshimath land subsidence | Eight teams of SDRF are deployed at Joshimath for disaster relief operations. Rs 2.14 Crores issued for the protection of electric cables & poles. Two teams of NDRF are also there, one team is on its way: Uttarakhand Disaster Mgmt Secy Ranjit Kr Sinha pic.twitter.com/HtKvSd9ykU
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) January 12, 2023
गुरुवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए उत्तराखंड आपदा प्रबंधन के सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि अब तक 3 परिवारों को 4000 रुपये का मकान किराया प्रदान किया गया है। अन्य परिवारों को भी इसका भुगतान जल्द किया जाएगा। वहीं, आपदा राहत कार्यों के लिए एसडीआरएफ की आठ टीमें जोशीमठ में तैनात की गईं हैं। बिजली के तारों और खंभों की सुरक्षा के लिए 2.14 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके लिए अलावा एनडीआरएफ की भी दो टीम को लगाया गया है। दो टीम में एक टीम रास्ते में हैं।
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सिन्हा ने यह भी कहा कि अगर कोई भी स्थिति आती है तो सेना का हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर है। साथ हमारा हेलीकॉप्टर भी स्टैंडबाय पर है। सेना की यूनिट भी तैयार है। जोशीमठ के लोगों को बचाने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मैंने व्यापारी संगठन, निर्वाचित प्रतिनिधी आदि से मुलाकात की और उनको हर संभव मदद पहुंचाने की बात कही है। हम अंतरिम सहायता के रूप में 1.5 लाख रुपए की राशि लोगों के खातों में भेज रहे हैं।
इधर, होटल मलारी इन के मालिक ठाकुर सिंह राणा धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि आज मेरी मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के साथ बैठक हुई। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ के तर्ज पर मुआवजा नहीं मिलेगा लेकिन मार्केट रेट पर होगा। हमने बोला कि मार्केट रेट बता दें लेकिन उन्होंने कहा कि नहीं बता सकते तो हमने कहा कि हम भी नहीं उठेंगे।
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