Joshimath sinking: अब तक 782 भवनों में दरारें, प्री फैब हट में रहेंगे विस्थापित, ये है अब तक की अपडेट
जोशीमठ भू धंसाव से प्रभावितों को राज्य सरकार की और से 1.87 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि वितरित की गई। साथ ही भारत सरकार के स्तर पर सी0बी0आर0आई0 द्वारा प्रभावितों की स्वयं की सुरक्षित भूमि पर प्री फैब हट निर्माण पर सहमति।

जोशीमठ भू धंसाव से प्रभावितों को राहत के तौर पर अभी तक राज्य सरकार की और से 1.87 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि प्रभावित परिवारों को वितरित की गई। साथ ही भारत सरकार के स्तर पर सी0बी0आर0आई0 द्वारा प्रभावितों की स्वयं की सुरक्षित भूमि पर प्री फैब हट निर्माण पर सहमति दी गई। जोशीमठ में अस्थायी रूप से चिन्हित राहत शिविरों के कक्षों की संख्या बढ़ाकर 615 की गई हैं जिनकी क्षमता 2190 लोगों की हो गई है। साथ ही शीतलहर को देखते हुए राहत शिविरों में विस्थापितों के लिए हीटर एवं अलाव के पुख्ता इंतजाम किए गए।
187.50 लाख रूपये की धनराशि वितरित
सचिव आपदा प्रबन्धन डा0 रंजीत कुमार सिन्हा ने शनिवार को जोशीमठ नगर क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव एवं भूस्खलन के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे राहत एवं बचाव, स्थायी/अस्थायी पुनर्वास आदि से सम्बन्धित किये जा रहे कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्रति परिवार विस्थापन के लिए अग्रिम के रूप 125 परिवारों को 187.50 लाख रूपये की धनराशि वितरित कर दी गयी है। भारत सरकार के स्तर पर सी0बी0आर0आई0 द्वारा विस्थापितों की स्वयं की सुरक्षित भूमि पर प्री फैब हट में सहायता दी जा रही है। प्रशासन द्वारा शीतलहर को देखते हुए नगर पालिका जोशीमठ में 10 स्थानों पर अलाव जलाये गये हैं। राहत शिविरों में हीटर की व्यवस्था की गई है।
223 परिवार सुरक्षा के दृष्टिगत अस्थायी रूप से विस्थापित
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सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी दी कि राहत शिविरों की क्षमता में वृद्धि करते हुए अस्थायी रूप से जोशीमठ में कुल 615 कक्ष/कमरे है जिनकी क्षमता 2190 लोगों की है तथा पीपलकोटी में 491 कक्ष/कमरे है जिनकी क्षमता 2205 लोगों की है। प्रभावितों को वितरित राहत राशि के तहत प्रति परिवार 5 हजार रूपये की दर से घरेलू राहत सामग्री हेतु अभी तक कुल 73 ( कुल 3.65 लाख रूपये ) प्रभावितों को वितरित की गई है। तीक्ष्ण / पूर्ण क्षतिग्रस्त भवन हेतु 10 प्रभावितों को 13.00 लाख रूपये धनराशि वितरित की गई है। मकान किराये के लिए 10 लोगों ने आवेदन किया है। सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी दी कि अभी तक 782 भवनों की संख्या जिनमें दरारें दृष्टिगत हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि गांधीनगर में 01, सिंहधार में 02, मनोहरबाग में 05, सुनील में 07 क्षेत्र / वार्ड असुरक्षित घोषित किए गए हैं। 148 भवन असुरक्षित क्षेत्र में स्थित है। 223 परिवार सुरक्षा के दृष्टिगत अस्थायी रूप से विस्थापित किये गये है। विस्थापित परिवार के सदस्यों की संख्या 754 है।












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