उत्तराखंड में भाजपा को हर बूथ पर 51 परसेंट वोट का लक्ष्य, जानिए इसकी वजह
उत्तराखंड में भाजपा को हर बूथ पर 51 परसेंट वोट का लक्ष्य
देहरादून, 6 जनवरी। उत्तराखंड में भाजपा ने दोबारा सत्ता पाने के लिए हर बूथ को मजबूत करने पर जोर देना शुरू कर दिया है। भाजपा ने इस बार मिशन 60 प्लस का नारा दिया है। जो कि पिछले चुनाव में मिली 57 सीटों से भी ज्यादा है। ऐसे में इस बार भाजपा को अपनी रणनीति पिछले चुनाव से ज्यादा मजबूत करनी होगी। भाजपा के लिए बूथ सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे में भाजपा अपने बूथ स्तर की रणनीति पर जोर दे रही है। भाजपा ने हर बूथ पर 51 परसेंट से ज्यादा वोट लाने का टारगेट दिया है। इसके लिए पार्टी अपने बूथ प्रमुखों को ट्रेनिंग देने में जुटी है।

उत्तराखंड में भाजपा का 35 परसेंट वोट बैंक
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 57 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत की सरकार बनाई। जिसमें भाजपा के मजबूत वोटबैंक को आधार माना गया। भाजपा के रणनीतिकारों का दावा है कि उत्तराखंड में भाजपा का 35 परसेंट वोट बैंक है। ऐसे में भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए हर बूथ पर लक्ष्य तय किया है। इसके लिए प्रत्येक बूथ पर 51 परसेंट वोट लाने का लक्ष्य दिया गया है। भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी एवं केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हाल ही में महानगर की धर्मपुर, कैंट, राजपुर एवं मसूरी विधानसभा कि चुनाव प्रबंधन समितियों की बैठक में कहा कि हमारी पार्टी में प्रधानमंत्री हो, गृहमंत्री हो या राष्ट्रीय अध्यक्ष या कोई और बड़े से बड़ा नेता उसने कभी ना कभी बूथ स्तर पर कार्य किया है, यही हमारी पार्टी की खासियत है जबकि अन्य दलों के बड़े नेताओं को पता ही नहीं होता की बूथ पर जाकर कैसे काम करना होता है। जोशी ने अपना अनुभव कार्यकर्ताओं से साझा करते हुए कहा कि वे जब साथ 8 वर्ष के बालक थे तो उनके पिता उन्हें उनके राज्य की विधानसभा दिखाने लेकर गए लेकिन कोई विधायक हमारे जानने वाला नहीं था और हमें पास नहीं मिला, वापस घर लौटना पड़ा, पर भाजपा का प्रताप है कि उसने मुझे मौका दिया और आज मैं संसदीय कार्य मंत्री हूं। भाजपा इतिहास रचती भी है इतिहास बदलती भी है और उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनाव में 60 से ज्यादा सीटें जीत कर यहां एक बार फिर इतिहास बनाने वाली है।
बूथ भाजपा का सबसे मजबूत पक्ष
जब से भाजपा में मोदी और अमित शाह की जोड़ी का युग आया है। तब से माना जाता है कि भाजपा ने सबसे पहले अपने बूथ को मजबूत किया। बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सबसे पहले बूथ और पन्ना प्रमुखों पर फोकस किया। जो कि आज के समय में भाजपा का सबसे मजबूत पक्ष माना जाता रहा है। कांग्रेस को भी इस बात का एहसास है कि भाजपा ने बीते सालों में अपने बूथ स्तर पर खुद को मजबूत बनाकर अपनी टीम को मजबूत किया, जिसका सबक लेकर कांग्रेस भी अब बूथ को मजबूत करने पर रणनीति तैयारी करने में जुटी है। इसके लिए इस बार कांग्रेस ने भी बूथ को मजबूत करने के लिए अभियान चलाया हुआ है। ऐसे में भाजपा को अपने बूथ को कमजोर होने का डर सता रहा है। जिस वजह से भाजपा अपने बूथ पर फोकस कर रही है। इसी वजह से हर बूथ को 51 परसेंट का लक्ष्य दिया गया है। जिसे पाना आसान नहीं होगा।












Click it and Unblock the Notifications