हरियाणा और जम्मू कश्मीर में चुनावों के परिणाम आने से पहले ही भाजपा के अंदर हलचल,उत्तराखंड की भी हाईलेवल मीटिंग
हरियाणा और जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनावों के परिणाम सामने आने से पहले ही भाजपा के अंदर हलचल तेज है। जिस तरह के एक्जिट पोल के नतीजे सामने आए हैं, उससे भाजपा के अंदरखाने इसको लेकर कई तरह की चर्चा हो रही है।
इन चुनावी परिणामों का असर आने वाले उपचुनाव और चुनावों पर भी साफ देखा जा सकता है। ऐसे में उत्तराखंड में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

उत्तराखंड में लंबे समय से मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार की अटकलें हैं साथ ही दायित्वधारियों को लेकर भी फाइल ठंडे बस्ते में डाली हुई है। इसको लेकर भी कई तरह की सियासी चर्चाएं हैं। हालांकि केदारनाथ उपचुनाव और निकाय चुनाव धामी सरकार के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती मानी जा हरी है।
आने वाले समय में केदारनाथ उपचुनाव और निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर भी पार्टी अलर्ट हो गई है। इस बीच भाजपा की उत्तराखंड प्रदेश की हाईलेवल मीटिंग हुई है। जिसमें प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, संगठन महामंत्री अजेय कुमार भी मौजूद रहे।
जिसमें प्रदेश के कई समसामयिकी मुद्दों पर चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि केदारनाथ उपचुनाव और निकाय चुनाव को लेकर भी भाजपा पूरी तरह से चुनावी मोड में है। एक दिन पहले सीएम धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने केदारनाथ विधानसभा में एक बड़ा कार्यक्रम मे शिरकत की। जिसमें कई सौंगातें दी गई।
माना जा रहा है कि चुनाव को देखते हुए सरकार पूरी तरह से केदारनाथ सीट पर फोकस कर रही है। जिसमें सरकार के पांच मंंत्री भी जमीन पर डटे हुए हैं। इसको लेकर भी जमकर सियासत हो रही है। कांग्रेस इसे भाजपा का डर बता रही है।
जबकि भाजपा का कहना है कि केदारनाथ में आपदा से हुए नुकसान और अन्य जरुरी समस्याओं को देखते हुए ही मंत्रियों को जनसमस्याओं को दूर करने के लिए भेजा गया। इस बीच प्रदेश प्रभारी प्रदेश भर में सदस्यता अभियान का फीडबैक भी ले रहे हैं।












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