Harish rawat कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व सीएम को पीएम मोदी की किस बात से हुआ फील गुड, जानिए क्या कहा
Harish rawat कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने पीएम मोदी के WED IN INDIA आह्रवान की तारीफ करने के साथ ही सीएम धामी की भी जमकर तारीफ की। इसके साथ ही हरदा ने अब इस सोच को आगे बढ़ाने के की जिम्मेदारी धामी मंत्रिमंडल के सदस्यों के कौशल पर डाली है। हरीश रावत ने ग्लोबल इंवेस्टर समिट के दौरान व्यंजन सूची में पहाड़ी व्यंजनों को उचित स्थान न मिलने पर भी सवाल खड़े किए हैं।

पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर नेता हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लिखा कि आज समाचार पत्र पढ़े, एक फील गुड का आभास हो रहा है।प्रधानमंत्री ने जो बड़े पूंजीपतियों का आह्वान किया कि WED IN INDIA यह केवल ऐसा नहीं है कि भारत में शादी करो का आह्वान है, पिछले कुछ वर्षों से बहुत सारे औद्योगिक घराने अपना निवेश भारत से बाहर कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने उनको भी संदेश दिया है कि इन्वेस्ट इन इंडिया।
हरीश रावत ने आगे लिखा देखते हैं कितना असर पड़ता है। हरदा ने लिखा कि मुख्यमंत्री ने परिश्रम कर जो एक फील गुड का एहसास राज्य के लोगों को करवाया है, अब उनके मंत्रिमंडल का कौशल देखना है कि इस फील गुड के एहसास को अर्थव्यवस्था और सामाजिक कल्याण के विभिन्न क्षेत्रों में किस दूरी तक वो लेकर के जाते हैं।
हरदा ने इस बार के बजट को लेकर भी बड़ी बात करते हुए लिखा है कि मुझ जैसे लोग इस बार के प्रेमचंद अग्रवाल जी के पिटारे से निकलने वाले बजट पर बहुत गहराई से नजर रखेंगे, क्योंकि फील गुड का एहसास किस सीमा तक अर्थव्यवस्था पर असर डाल रहा है वह बजट प्रस्तावों में झलकेगा। विशेष तौर पर यह देखना पड़ेगा कि यह फील गुड का एहसास MSME सेक्टर और जो हमारे स्थानीय उत्तराखंडी उद्यमी हैं उन तक कहां तक जा रहा है। क्योंकि अनंतोगत्वा हमारी अर्थव्यवस्था के संचालक तो यही फैक्टर बनेंगे।
हरीश रावत ने हाउस ऑफ़ हिमालयाज को लेकर अपनी बात रखते हुए सवाल भी खड़े किए हैं। हरदा ने लिखा है कि 8 और 9 दिसंबर 2023 को फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट देहरादून में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की व्यंजन सूची देखी, इन व्यंजनों को ही देश के सर्व शक्तिशाली लोगों से लेकर राज्य में पधारे हुए सभी मेहमानों को परोसा गया, इस सूची को आप भी जरा गौर से देखिएगा, एक बार नहीं, दो-तीन बार देखेयेगा, उसमें बड़ी मुश्किल से मडुआ और झंगोरा एक किनारे पर दुबके से अपना स्थान बना पाये हैं।
मेरी समझ है कि इन्वेस्टर्स समिट में केवल विशुद्ध उत्तराखण्डी व्यंजन जिसमें हरिद्वार का चावल, बुरा-घी और धुले मास की दाल सहित विभिन्न उत्तराखंडी व्यंजनों को परोसा जाना चाहिए था। स्वीट डिश में उत्तराखंडी जैविक गुड़ के साथ अरसा, बाल मिठाई, सिंगोड़ी और डीडीहाट का खैंचुआ, आगरा खाल की रबड़ी को स्थान मिलना चाहिए था। हरदा ने उत्तराखंड के व्यंजनों पर विस्तार से अपने सुझाव दिए हैं। इसके साथ ही हरदा ने प्रधानमंत्री मोदी के वोकल से ग्लोबल की तरफ बढ़ने वाले मैसेज को सशक्त मंत्र बताया है।












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