Harish rawat पूर्व सीएम हरीश रावत की फेसबुक पोस्ट से मचा हड़कंप, जानिए हरदा को किस बात ने पहुंचाई चोट
Harish rawat लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस के लिए पार्टी के विधायक ही नहीं सीनियर नेता भी मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। पिथौरागढ़ विधायक मयूख महर के मंच से टिकट को बदलने की मांग से असहज हुई कांग्रेस के लिए अब सीनियर नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत की नई सोशल मीडिया पोस्ट ने हड़कंप मचा दिया है। हरीश रावत ने चम्पावत जिले के लोहाघाट में हुये सम्मेलन में पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल की अनुपस्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिससे एक बार फिर कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है।

पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र की चारों जनपदों की जिला कांग्रेस सम्मेलनों में उमड़ी उत्साहमय भीड़ और आगे के लिए रास्ता बताने वाले सुझावों के वीडियो को देखकर बहुत प्रसन्नता हुई। कहा कि चारों जनपदों के जिला कांग्रेस कमेटियों को बहुत बधाई देता हूं और सभी नेतागण इन सम्मेलनों में उपस्थित रहे, सक्रिय भागीदारी निभाई वो भी बधाई के पात्र हैं।
आगे लिखते हुए हरदा ने कहा कि चम्पावत जनपद के लोहाघाट में हुये सम्मेलन में काली कुमाऊं की आत्मा के प्रतीक हेमेश खर्कवाल का भाग न लेना अच्छा नहीं लगा। बुलाया या नहीं बुलाया, लेकिन उनकी अनुपस्थिति ने मुझे चोट पहुंचाई। उम्मीद है जिला कांग्रेस कमेटियों के सभी सम्मेलन इतने ही उत्साह पूर्ण वातावरण में हो रहे होंगे, इससे 2024 की लड़ाई का रास्ता प्रशस्त हो रहा है।
पूर्व सीएम हरीश रावत की इस पोस्ट से कांग्रेस संगठन में एक बार फिर हड़कंप मचा हुआ है। हरदा की ये पोस्ट कांग्रेसियों के बीच ही जमकर वायरल हो रही है। जिसके बाद से एक बार फिर कांग्रेस की कलह खुलकर सामने आ गई है। साथ ही चुनाव से पहले कांग्रेस की गुटबाजी भी सामने आ गई है।
कांग्रेस लोकसभा चुनाव से माहौल बनाने के लिए जिला स्तरीय कांग्रेस सम्मेलन आयोजित कर रही है। इसके लिए हर जिले में जाकर सम्मेलन हो रहा है। इससे पहले पिथौरागढ़ में हुए सम्मेलन का एक वीडियो सामने आ चुका है। जिसमें विधायक मयूख महर मंच से ही टिकट बदलने की बात करते नजर आए साथ ही संगठन को लेकर खरी खरी सुनाई।
अब पूर्व सीएम हरीश रावत की एक फेसबुक पोस्ट वायरल हो रही है। जिसमें चंपावत में हुए सम्मेलन में पूर्व विधायक के अनुपस्थित होने पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कांग्रेस के अंदर अभी से जिस तरह खुलकर विरोध और आवाज उठने लगी है, उसका आने वाले दिनों में चुनाव में खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।












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