Gangotri national park के गेट पर्यटकों के लिए खुले, ट्रैकिंग, पर्यटन के अलावा जानिए पार्क में है क्या खास
गंगोत्री नेशनल पार्क में 1 अप्रैल से ट्रैकिंग से लेकर पर्यटन की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। पार्क क्षेत्र में गोमुख तपोवन ट्रैक, केदारताल, सुंदरवन, नंदनवन, वासुकीताल, जनकताल ट्रैक के साथ गरतांग गली पर्यटकों का केंद्र है।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट पर्यटकों के लिए खुल गए हैं। जो कि शीतकाल में बंद कर दिए गए थे। गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट खुलने के बाद पर्यटक गरतांग गली, नेलांग घाटी, गोमुख तपोवन ट्रैक, केदारताल ट्रैक, कालिंदीखाल ट्रैक समेत दुर्लभवन्यजीवों का दीदार कर सकते हैं।
घूमने और ट्रैक पर जाना पसंद करते हैं
गंगोत्री नेशनल पार्क में 1 अप्रैल से ट्रैकिंग से लेकर पर्यटन की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। गंगोत्री नेशनल पार्क उत्तरकाशी जिले में है। गंगोत्री हिमालय में 40 से अधिक पर्वत चोटियां हैं। गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में स्थित गोमुख तपोवन ट्रैक, केदारताल, सुंदरवन, नंदनवन, वासुकीताल, जनकताल ट्रैक के साथ गरतांग गली पर्यटकों का केंद्र है। जहां सबसे ज्यादा लोग घूमने और ट्रैक पर जाना पसंद करते हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान एक राष्ट्रीय उद्यान है। पार्क क्षेत्र 2,390 वर्ग किमी क्षेत्रफल पर फैला है। गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना सन् 1989 में की गई। जिसकी शुरूआत गोमुख से होती है। गोमुख गंगा का उद्गम स्थल है। गंगोत्री नेशनल पार्क पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन और हवाई यात्रा का स्टेशन देहरादून है। जो कि उत्तरकाशी मुख्यालय से 200 से 250 किमी के बीच है।
पशुओं की 15 प्रजातियां और पक्षियों की 150 प्रजातियों का घर
यहां से हर्षिल बस या कार से 30 किमी है। उद्यान क्षेत्र गोविंद राष्ट्रीय उद्यान और केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य के बीच है। इस पार्क के उद्यान पशुओं की 15 प्रजातियां और पक्षियों की 150 प्रजातियों का घर है। इस क्षेत्र में पर्यटकों के लिए हिम तेंदुए, भूरे भालू, कस्तूरी मृग, ताहर, बाघ तथा हिमालय क्षेत्र में पाये जाने वाले कई पक्षी भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। पार्क में बुग्याल, देवदार के जंगल, ग्लेशियर, ट्रांस हिमालय, ऊंची चोटियां व पहाडिय़ों के अलावा भागीरथी, केदारगंगा, जाड़ गंगा सहित कई छोटी नदियां भी हैं। यह क्षेत्र हिम तेंदुआ की ब्रीडिंग के लिए सुरक्षित है। हिमालयी बकरी यानी भरल (ब्यू शिप) हिम तेंदुआ का मुख्य भोजन है। इनकी संख्या पार्क में बहुत अच्छी है। पार्क में आसानी से भरल के बड़े झुंड दिख जाते हैं।
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