उत्तराखंड में धामी सरकार का गठन, जानिए क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण को कैसे साधने में कामयाब हुई भाजपा
5 पुराने चेहरे, 3 नए चेहरों को किया गया शामिल
देहरादून, 23 मार्च। उत्तराखंड में धामी सरकार की दूसरी पारी शुरू हो गई है। धामी की टीम में 8 कैबिनेट मंत्रियों को जगह मिली है। जिसमें 5 पुराने चेहरे और 3 नए चेहरों को शामिल किया गया है। हालांकि कैबिनेट में अब भी 3 सीट बची हुई है। जिन्हें आने वाले समय में भरा जाएगा।

गढ़वाल से 4, कुमाऊं से 3 और मैदान से 2 चेहरे
पुष्कर धामी सरकार-2 में 3 ब्राह्रमण चेहरे सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, दो ठाकुर सतपाल महाराज, धन सिंह रावत तीसरा चेहरा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और दो दलित चेहरे चंदनराम दास, रेखा आर्य को शामिल किया गया है। इसके साथ ही एक वैश्य समाज से प्रेमचंद्र अग्रवाल मंत्री बनाए गए हैं। क्षेत्रीय समीकरणों में गढ़वाल से 4, कुमाऊं से सीएम समेत 3 और मैदान से 2 चेहरे शामिल किए गए हैं। जिलेवार पौड़ी और देहरादून से 2-2, उधमसिंह नगर से 2 टिहरी,अल्मोड़ा, बागेश्वर से एक-एक मंत्री बनाए गए हैं।

मंत्रियों का प्रोफाइल
सतपाल महाराज चौबट्टाखाल सीट से विधायक हैं। पिछली सरकार में महाराज कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। आध्यात्मिक गुरु महाराज केंद्र की देवेगौड़ा और गुजराल सरकार में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं।
प्रेमचंद्र अग्रवाल ऋषिकेश से विधायक हैं। वे चौथी विधानसभा में स्पीकर रह चुके हैं। इस बार उन्हें मंत्री बनाया गया है। अग्रवाल ने बुधवार को संस्कृत में शपथ ली।
गणेश जोशी मसूरी सीट से विधायक हैं। वे पिछली सरकार में अंतिम समय में मंत्री बनाए गए थे, उनके पास सैनिक कल्याण और उद्योग मंत्रालय रहा है। वे पूर्व सैनिक रहे हैं।
धनसिंह रावत श्रीनगर के विधायक हैं। वे पिछली सरकार में स्वास्थ और उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। धन सिंह संगठन और सरकार के बीच मजबूत पकड़ रखते हैं।
सुबोध उनियाल नरेंद्रनगर से विधायक हैं। पिछली सरकार में वे कृषि मंत्री रह चुके हैं। वे दोबारा मंत्री बनाए गए हैं।
रेखा आर्य सोमेश्वर से विधायक हैं। जो कि पहली सरकार में मंत्री रह चुकी हैं। रेखा महिला और दलित कोटे से मंत्री बनी हैं।
चंदनराम दास बागेश्वर से 4 बार विधायक, पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं। वह दलित वर्ग से आते हैं और अपने सरल स्वभाव के लिए जाने जाते हैं।
सौरभ बहुगुणा सितारंगज से दूसरी बार विधायक बने,पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के बेटे हैं। सौरभ पहली बार मंत्री बने हैं। वे तराई सीट से सबसे युवा मंत्री बनाए गए हैं।

मदन कौशिक, बंशीधर भगत, विशन सिंह चुफाल, अरविंद पांडेय ड्रॉप
धामी सरकार के पहले कार्यकाल से मदन कौशिक, बंशीधर भगत, विशन सिंह चुफाल, अरविंद पांडेय को ड्रॉप किया गया है। मदन कौशिक प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके साथ ही हरिद्वार जिले में बेहतर प्रदर्शन न कर पाना कौशिक के कैबिनेट में जगह न पाने की वजह मानी जा रही है। बंशीधर भगत को केन्द्र में बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की चर्चा है। जबकि विशन सिंह चुफाल को मुख्यमंत्री के लिए सीट छोड़नी पड़ सकती है। साथ ही चुफाल को राज्य सभा भेजने की चर्चा है। पहली सरकार में शिक्षा मंत्री रहे अरविंद पांडेय को उनके व्यवहार और पार्टी संगठन से हरी झंडी न मिलने की वजह से बाहर किया गया है।

इन जिलों को आगे रहेगा इंतजार
धामी सरकार की दूसरी पारी में 7 जिलों को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। नैनीताल, पिथौरागढ़,चम्पावत,चमोली,उत्तरकाशी,हरिद्वार,रुद्रप्रयाग जिले शामिल हैं। इसके साथ ही जो चेहरे दौड़ में होने के बावजूद भी इस बार फिर से निराशा हाथ लगी है। उनमें देहरादून से खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, मुन्रा सिंह चौहान पौड़ी से ऋतु खंडूरी भूषण प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे। जो कि आने वाले समय में कैबिनेट में जगह पाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि इनमें से ऋतु खंडूरी का नाम स्पीकर के लिए तय माना जा रहा है। इसके अलावा टिहरी से विधायक किशोर उपाध्याय और धनोल्टी से विधायक प्रीतम पंवार को इस बार कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई है।












Click it and Unblock the Notifications