किसानों के भारत बंद का उत्तराखंड में नहीं दिखा खास असर, यहां से किसान संगठनों ने किया ये बड़ा ऐलान
उत्तराखंड में भारत बंद का कोई खास असर नहीं दिखा। पहाड़ से लेकर मैदान तक किसी दूसरे संगठन ने बंद का खुलकर समर्थन नहीं किया। देहरादून के डोईवाला में संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान के समर्थन में केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रैक्टर रैली निकालकर प्रदर्शन किया गया। बीते रोज किसान मोर्चा के पदाधिकारी ने स्थानीय व्यापारियों से बंद के समर्थन में प्रतिष्ठानों को बंद करने की अपील की थी।

शुक्रवार को भारत बंद का क्षेत्र में कोई असर देखने को नहीं मिला। संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक ताजेंद्र सिंह ने कहा कि एसएमपी की गारंटी समेत विभिन्न मांगों को लेकर किसान आंदोलन जारी रखेंगे। उधर बाजपुर में किसान संगठनों ने एकजुट होकर शंभू व खनौरी बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर एकजुटता दिखाई। संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार यदि आंदोलनकारी किसानों पर अलोकतांत्रिक तरीके से अत्याचार करती है तो यूपी उत्तराखंड के तराई क्षेत्र से भी किसान शंभू व खनौरी बार्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में जाएंगे।
भूमि बचाओ मुहिम के संयोजक जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि बैठक में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा, तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तेजेंद्र सिंह विर्क, भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के महेंद्र सिंह रंधावा व लखविंदर सिंह, मीटिंग के आयोजक अजीत प्रताप सिंह रंधावा सहित अन्य धार्मिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किसान आंदोलन के मौजूदा हालातों पर गंभीरतापूर्वक विचार विमर्श किया गया।
तय किया गया कि अगर किसानों को खनौरी व शंभू बार्डर से आगे नहीं आने दिया जाता है तो भविष्य में यूपी उत्तराखंड के किसान भी खनौरी व शंभू बार्डर पहुंचेंगे और यदि किसान दिल्ली पहुंचते हैं तो दिल्ली कूच किया जाएगा। बैठक की अगुवाई भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा व संचालन भूमि बचाओ मुहिम के संयोजक जगतार सिंह बाजवा ने किया।












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