उत्तराखंड में लगातार डोल रही धरती, चमोली के बाद 12 घंटे में उत्तरकाशी में भूकंप के झटके, डरा रहे आंकड़ें
उत्तराखंड में लगातार आ रहे भूकंप के झटके एक बार फिर लोगों को दहशत में डाल रहे हैं। उत्तरकाशी में आधी रात को रात 3.49 मिनट पर यमुनाघाटी में भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया है। तेज झटके से लोग घरों से बाहर निकल आए।
उत्तराखंड में लगातार आ रहा भूकंप के झटके एक बार फिर लोगों को दहशत में डाल रहे हैं। उत्तरकाशी में आधी रात को रात 3.49 मिनट पर यमुनाघाटी में भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया है। तेज झटके से लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि इस बीच किसी तरह की जानमाल की कोई खबर नहीं है। भूकंप का केंद्र बड़कोट स्यालना के जंगलों में जमीन से पांच किमी नीचे बताया गया है। जो कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.9 रही।

आकंड़ों पर बात करें तो इस वर्ष उत्तराखंड में 15 से अधिक भूकंप आ चुके हैं। हालांकि सभी कम तीव्रता के हैं। उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से काफी संवदेनशील राज्य है। यहां के अधिकांश क्षेत्र भूकंपीय क्षेत्र IV और V के अंतर्गत आते हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) की वेबसाइट के अनुसार, रविवार शाम करीब 4.41 बजे भी उत्तराखंड के चमोली जिले में 2.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इस तरह से राज्य में 12 घंटे के भीतर यह दूसरा भूकंप का झटका था।
इससे पूर्व 29 अगस्त को, उत्तराखंड के उत्तरकाशी और बागेश्वर जिलों में क्रमशः 2.8 और 2.5 तीव्रता के दो भूकंप झटके महसूस किए गए थे। इससे पूर्व 26 अगस्त को चमोली जिले में भूकंप आया था। जो कि 2.8 मेग्नीट्यूट तीव्रता का भूकंप रहा।जिसका डेप्थ 10 किलोमीटर बताया जा रहा है। उत्तराखंड के सीमावर्ती पिथौरागढ़ जिले और इसके आसपास के इलाकों में अगस्त में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
6 अगस्त की रात को एक बजकर 34 मिनट पर 4.2 मैग्निट्यूड तीव्रता का झटका महसूस किया गया। इसके बाद दो बजकर 48 मिनट और तड़के छह बजकर 52 मिनट पर भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। इन भूकंप के झटकों का केंद्र चीन बॉर्डर सीमा पर 10 किलोमीटर की गहराई में था। इससे पहले 03 अगस्त को भी पिथौरागढ़ जिले में भूकंप के कई झटके महसूस किए गए थे, 03 अगस्त को भूकंप का केंद्र नेपाल बॉर्डर था।
वहीं इससे पहले 23 जुलाई 2023 को भी पिथौरागढ़ में भूकंप आया था। उस समय भूकंप की तीव्रता 3.2 मैग्निट्यूड थी। पिथौरागढ़ के अलावा उत्तराखंड के तीन और जिले भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील माने जाते हैं, इनमें बागेश्वर, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले शामिल हैं।












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