पहाड़ी जिले के डीएम ने की ऐसी पहल कि नौकरशाही के लिए बन गई नजीर, पूरा प्रशासन बस में सवार होकर पहुंचा
रुद्रप्रयाग डीएम जनता शिविर में पूरी टीम के साथ बस से पहुंचे
देहरादून, 15 जुलाई। उत्तराखंड के पहाड़ी जिले रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने प्रदेश के सभी अधिकारियों के सामने एक मिसाल पेश की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार अधिकारियों को फिजूलखर्चे और अन्य संसाधनों को दुरस्त करने की अपील कर रहे हैं। जिससे प्रदेश का कर्ज कम किया जा सके। इसके लिए उन्होंने जिलों में होने वाले कार्यक्रमों में भी कम खर्चे करने को कहा है। इसी पहल पर रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बहुउद्देशीय जनता शिविर में जाने के लिए एक बस से सफर किया। जिसमें सभी अधिकारियों को साथ में एक साथ ले जाया गया। जिलाधिेकारी के इस पहल की हर तरफ तारीफ हो रही है।

सरकार ने फिजूलखर्चे रोकने को दिए हैं निर्देश
उत्तराखंड सरकार लगातार अफसरशाही से फिजूलखर्चों पर लगाम लगाने के निर्देश दे रही है। जिससे प्रदेश में पड़ रहे कर्ज को कम किया जा सके। इसके लिए पहली पहल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने करते हुए सभी सरकारी कार्यक्रमों को होटल की बजाय मुख्य सेवा सदन में करने के निर्देश दिए है। जिससे होटलों में आने वाले खर्चो को कम किया जा सके। सीएम ने जिलों को भी अपने सारे कार्यक्रम सरकारी भवनों में करने को कहा है। जिससे मितव्ययिता हो सके। इसके बाद मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने सरकारी बैठकों में चाय पानी और बुके का परंपरागत तरीका बदलने और सीधे बैठकों को सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करने को कहा है। जिससे समय बचने के साथ ही बैठकों में वेवजह खर्चा न हो। सीएस के इस निर्देश का सभी अधिकारियों को पालन करने को कहा गया है। इसका असर जिलों में नजर आने लगा है।
बहुउद्देशीय जनता शिविर में बस में पहुंचे डीएम और पूरी टीम
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मितव्ययिता और बेहतर प्रशासन की मिसाल पेश करते हुए जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग के सभी विभागों के अधिकारियों को बस से सरकारी कार्यक्रम में सफर करवाया। तीन घंटे बस का सफर तय कर उखीमठ ब्लॉक स्थित मनसूना ग्राम पंचायत में जनकल्याण शिविर में एक ही बस में सवार होकर डीएम पहुचें। इस दौरान बहुउद्देशीय जनता शिविर में मानसूना ग्राम पंचायत के गांवों के जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र की समस्याएं रखी। कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया वहीं कुछ के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। मौके पर विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल भी लगाए थे जिनसे ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधा, खाद्य सामग्री, कृषि उत्पादों समेत अन्य सेवाओं का लाभ लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार, जनता के द्वार कार्यक्रम तभी सार्थक होगा, जब सभी अधिकारी एक साथ जनता के बीच पहुंचे। अपने-अपने विभागीय वाहनों के बजाय एक वाहन में सवार होकर जब तहसील दिवस, बीडीसी, जनता दरबार, बहुद्देश्यीय शिविर में पहुंचेंगे, तो उससे जहां सरकारी खर्चा कम होगा वहीं बेहतर तालमेल के साथ अधिकारी भी कार्यक्रमों में पहुंचेंगे।












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