Uttarakhand student union elections: दो साल बाद कॉलेजों में बजा छात्र संघ चुनावों का बिगुल,इस दिन होंगे चुनाव
24 दिसंबर को उत्तराखंड के तीन राजकीय विश्वविद्यालयों और 119 राजकीय महाविद्यालयों में एक साथ छात्र संघ चुनाव होंगे। चुनाव की घोषणा होते ही छात्र संगठनों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
उत्तराखंड में दो साल बाद कॉलेजों में छात्र संघ चुनावों का बिगुल बज गया है। प्रदेश के तीन राजकीय विश्वविद्यालयों और 119 राजकीय महाविद्यालयों में एक साथ 24 दिसंबर को छात्रसंघ चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। राजकीय विवि के कुलपतियों की बैठक में छात्रसंघ चुनाव कराने पर निर्णय हुआ।

चुनाव की घोषणा होते ही छात्र संगठनों ने तैयारियां शुरू
लंबे समय से छात्र संघ चुनावों की मांग को लेकर विश्वविद्यालय और कॉलेजों में चल रहा छात्रों का प्रदर्शन आखिरकार रंग लाया है। 24 दिसंबर को उत्तराखंड के तीन राजकीय विश्वविद्यालयों और 119 राजकीय महाविद्यालयों में एक साथ छात्र संघ चुनाव होंगे। चुनाव की घोषणा होते ही छात्र संगठनों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बता दें कि प्रदेश में एनएसयूआई, एबीवीपी के बीच ही अधिकतर कॉलेजों में सीधी टक्कर देखने को मिलती है। लेकिन सूबे के सबसे बड़े कॉलेज डीएवी कॉलेज में एबीवीपी, एनएसयूआई के अलावा निर्दलीय भी कड़ी टक्कर दे रहे हैं। बता दें कि अब तक हुए कैंपस चुनावों में एनएसयूआई को अच्छे संकेत मिले हैं। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के बागी प्रत्याशी विजयी रहे हैं। गढ़वाल विवि के बीजीआर परिसर के छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद पर कब्जा किया। जबकि एचएनबी गढ़वाल विवि के एसआरटी परिसर बादशाहीथौल में हुए छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी के बागी प्रत्याशी चुनाव जीते। इस तरह अब तक तीन छात्र संघ चुनावों के परिणाम में एबीवीपी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में अब तीन राजकीय विश्वविद्यालयों और 119 राजकीय महाविद्यालयों में कौन बाजी मारता है। इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। छात्र संघ चुनाव में भाजपा, कांग्रेस की सीधी प्रतिष्ठा जुड़ी होती है। एबीवीपी भाजपा तो एनएसयूआई कांग्रेस की स्टूडेंट्स विंग है।












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