अखिलेश यादव की मस्जिद में मीटिंग करने पर विवाद, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कही ये बड़ी बात
Controversy Akhilesh Yadav meeting mosque: उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की मस्जिद में जाकर मीटिंग करने पर विवाद खड़ा हो गया है। मुस्लिम धर्म से जुड़े लोगों ने धार्मिक स्थान को सियासत का केंद्र बनाने पर आपत्ति दर्ज की है।
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पार्टी पर सवाल उठाया है। शादाब शम्स ने कहा कि संसद के बाहर बनी मस्जिद में उन्होंने जो मीटिंग की वह बेहद विवादास्पद है, इस प्रकार की चीज धार्मिक स्थान पर नहीं होनी चाहिए।

शादाब शम्स ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तंज कसते हुए सवाल भी खड़े किए और कहा कि ये मौलाना साहब का नया समाजवाद है, मस्जिद अब पार्टी की बैठक करने के लिए भी इस्तेमाल की जाएंगी। क्या अखिलेश मस्जिद के मिम्बर से समाजवादीपार्टी चलाएंगे। क्या अब मस्जिदों में बैठकर सब नेता पॉलिटिक्ल मीटिंग करेंगे ?
इस पर फ़तवा दें मौलाना ? क्या हर दल को मस्जिद में मीटिंग करने का अधिकार होगा? क्या हर कोई अपनी पार्टी की टोपी पहनकर मस्जिद में मीटिंग कर सकेगा?
शादाब शम्स ने इस मामले में अखिलेश यादव और उनकी पार्टी से माफी मांगने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे मुसलमान की भावनाएं आहत हुई है। आप कैसे किसी धार्मिक स्थल के अंदर बैठकर अपनी पार्टी की मीटिंग कर सकते हैं। अगर आप वहां नहीं गए थे तो आपको बताना चाहिए था कि हमने वहां कोई मीटिंग नहीं की। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा, आप जिस तरह से अपनी पार्टी का सिंबल लेकर मस्जिद के अंदर जा रहे हैं क्या वह ठीक है ? कल को दूसरी पार्टियां भी अपने-अपने सिंबल के साथ मस्जिदों के अंदर जाने लगेगी।
शादाब ने कहा कि अगर कोई भारतीय जनता पार्टी का झंडा लेकर अंदर चला जाए तो आपको बुरा लगेगा। जिस तरह से आपने अपने पार्टी का सिंबल के साथ मस्जिद में जाने की हिम्मत की, उसी तरह अब माफी मांगने की भी हिम्मत कीजिए। शादाब शम्स ने कहा, मस्जिद आस्था का पवित्र केंद्र है, जहां नमाज पढ़ी जाती है, ना कि राजनीतिक चर्चा की जाती है। अपनी पार्टी के तमाम सांसदों को लेकर आप मस्जिद के अंदर गए और वहां पर आपने बैठक की। इससे मुसलमान की भावनाओं को ठेस पहुंची हैं। इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।












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