कांग्रेस के MLA ने CM धामी के जिंदाबाद के लगाए नारे, वीडियो वायरल होते ही मचा घमासान, जमकर हो रही सियासत
उत्तराखंड में कांग्रेस विधायक का सीएम पुष्कर सिंह धामी के समर्थन में नारे लगाने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। जिसके बाद से सियासत गरमाई हुई है। कांग्रेस का तर्क है कि विधायक जनप्रतिनिधि होता है और सीएम पूरे प्रदेश का।
ऐसे में विधायक को अपने काम कराने के लिए सीएम के सहयोग की आवश्यकता होती है। जबकि भाजपा का कहना है कि सत्ता पक्ष के साथ ही विपक्ष भी सीएम धामी के मुरीद हो गए हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट का एक वीडियो वायरल हुआ है।

जिसमें वे सीएम पुष्कर सिंह धामी के समर्थन में नारे लगवा रहे हैं। बिष्ट ने धामी की विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं। उन्होंने लोगों से 'सीएम धामी ज़िंदाबाद' के नारे लगवाए। यह वीडियो के अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया का बताया जा रहा है। सीएम धामी अगनेरी मंदिर में चैत्र अष्टमी मेले के शुभारंभ के लिए पहुंचे थे। वहां कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट भी मौजूद थे।
उन्होंने मंच से सीएम धामी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सीएम विकास कार्यों में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करते हैं। वीडियो में वे कहते हुए दिख रहे हैं कि उन्हें सीएम के समर्थन में नारे लगाने में कोई आपत्ति नहीं है। कांग्रेस ने विधायक के नारे लगाने पर सरकार के मुखिया से अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए काम लेने को ही वजह माना है।
सीएम धामी की तारीफ करने में कांग्रेस के कई विधायक खुलकर सामने आ चुके हैं। जिससे कई बार कांग्रेस मुश्किल में पड़ चुकी है। भाजपा ने कांग्रेस विधायक द्वारा सीएम धामी के नारे लगाने वाले वायरल वीडियो को विकसित होते उत्तराखंड की प्रतिध्वनि बताया है। पूर्व सीएम हरीश रावत और कांग्रेस मुंह मोड़ने से भी बच नहीं सकते हैं। कांग्रेस विधायक ने मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में किए जा रहे विकास कार्यों के प्रभावित होकर सार्वजनिक तौर पर जो नारे लगाए, वह स्वागत योग्य है।
क्योंकि राज्य में हो रहे विकास एवं जन कल्याण के अच्छे कार्यों को कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता है। सब देख रहे हैं कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम धामी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार विकसित उत्तराखंड की दिशा में तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में नकारात्मक राजनीति के स्पीड ब्रेकर लगाने से अब विकास की रफ्तार काम नहीं होने वाली है। कांग्रेस के बहुत से विधायकों को इस सच्चाई का एहसास है, लिहाजा पहले भी जन दबाव में उनके कई विधायक सीएम धामी की सार्वजनिक तारीफ कर चुके हैं और अब नारे लगाना भी इसकी एक कड़ी है।
वहीं उन्होंने इस वायरल वीडियो को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भी तंज किया कि उन्हें अपनी पार्टी के विधायकों से प्रदेश के विकास को लेकर पहले ही चर्चा करनी चाहिए थी। क्योंकि अपने तथाकथित आंदोलन में वह जो भी सवाल प्रदेश सरकार से पूछ रहे हैं उनके जवाब तो उन्हें अपने विधायकों से ही मिल जाते। उन्होंने सुझाव दिया कि बेहतर है वह अपने सहयोगी विधायकों से प्रदेश हित में सकारात्मक राजनीति का सबक लें। वहीं हरदा पर कटाक्ष किया कि मुंह आंख कान बंद करने से सच्चाई छिप नही सकती है, क्योंकि ये तो पब्लिक है ये सब जानती है।












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