छात्र संघ चुनाव को लेकर छात्रों में उबाल,छात्र नेताओं और संगठनों ने सरकार पर लगाए ये गंभीर आरोप
उत्तराखंड में इस साल छात्र संघ चुनाव नहीं होंगे। इसको लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। छात्रों ने इसको लेकर अनिश्चिकालीन विरोध शुरू कर कॉलेजों को बंद करवा दिया है। साथ ही प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
देहरादून के डीएवी कॉलेज में छात्रों ने गेट पर बैठकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और कॉलेज बंद करवाया। श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के ऋषिकेश कैंपस में भी छात्रों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान कुछ छात्र पानी की टंकी पर चढ़े गए थे।

जिन्हें मनाने में पुलिस के भी पसीने छूटे। छात्रों का आरोप है कि सरकार केदारनाथ उपचुनाव की वजह से छात्र संघ चुनाव नहीं कराना चाह रही। साथ ही पिछले चुनाव में मिली हार की वजह से हार का डर भी है। छात्रों ने चेतावनी दी कि छात्र संघ चुनाव नहीं कराए गए तो वो आमरण अनशन करने से भी पीछे नहीं हटेगे।
एनएसयूआई ने 26 अक्टूबर को सचिवालय कूच का ऐलान किया है। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने कहा कि सरकार को जल्द ही छात्र संघ चुनाव बहाल करना होगा, नहीं तो छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। एनएसयूआई का आरोप है कि सरकार का फोकस केदारनाथ उपचुनाव पर है।
डीएवी कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि पिछली हार का डर और केदारनाथ उपचुनाव की वजह से सरकार चुनाव को शुरूआत से ही टाल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पर छात्रों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया साथ ही कहा कि भाजपा सरकार हार के डर से छ़ात्र संघ चुनाव नहीं करा रही है। कहा कि ये छात्रों के लोकतांत्रिक हक को मारा जा रहा है।
सरकार ने जानबूझकर चुनाव में देरी की जिस वजह से चुनाव नहीं हो रहे हैं। लेकिन जो छात्र इस साल चुनाव को लेकर तैयारी कर रहे थे, उनके साथ ये भेदभाव है ऐसे में जब तक छात्र संघ चुनाव बहाल नहीं होते तब तक छात्र सड़कों पर उतरकर विरोध जारी रखेंगे।
उत्तराखंड में इस सत्र में छात्र संघ चुनाव नहीं होंगे। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राजकीय विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के शासनादेश के आधार पर जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है।
सरकार की तरफ से कहा गया कि उसने 23 अप्रैल 2024 को शासनादेश जारी कर कहा था कि 30 सितंबर तक छात्र संघ चुनाव हो जाने चाहिए। लेकिन विश्वविद्यालययों ने उस आदेश का अनुपालन नहीं किया। चुनाव कराने की समय सीमा निकल चुकी है।इसलिए अब छात्र संघ का चुनाव कराना सम्भव नहीं है। इसके आधार पर कोर्ट ने जनहित याचिका निस्तारित कर दी।












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