Char Dham Yatra: बिना रजिस्ट्रेशन के निकले हैं तो इस तरह कर सकते हैं दर्शन, ये सुविधाएं भी है यात्रा मार्ग पर

चारधाम यात्रा: कुल 18 फिजिकल रजिस्ट्रेशन केन्द्र बनाए गए

देहरादून, 6 जून। चारधाम यात्रा के लिए बिना रजिस्ट्रेशन के लिए यात्रा के लिए आ चुके लोगों का मौके पर ही पंजीक​रण किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में कुल 18 फिजिकल रजिस्ट्रेशन केन्द्र बनाए गए हैं। राज्य सरकार ने हरिद्वार और ऋषिकेश में रजिस्ट्रेशन केन्द्र बनाए हैं। इस तरह से अब यात्रियों का बैकलॉग खत्म हो गया है।

 Char Dham Yatra: If you have left without registration, then you can visit like this, these facilities are also on the journey route

2022 में मात्र 1 माह में यह संख्या 16 लाख का आंकड़ा पार
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि वर्ष 2019 में रिकॉर्ड 34 लाख यात्री चारधाम यात्रा पर आए थे, लेकिन इस वर्ष 2022 में मात्र 1 माह में यह संख्या 16 लाख तक पहुंच चुकी है जो कि चारधाम यात्रा की व्यापक लोकप्रियता और प्रदेश के प्रति देशभर में लोगों के बढ़ते आकर्षण का प्रतीक है। केदारनाथ धाम में भी वर्ष 2019 में रिकॉर्ड 10 लाख लोग दर्शन के लिए पहुंचे थे जबकि वर्ष 2022 में मात्र 1 माह की अवधि के भीतर 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा केदारनाथ धाम के दर्शन किए गए हैं। उन्होंने कहा पर्यटन विभाग द्वारा पहली बार यात्रियों की सुरक्षा के लिए registrationandtouristcare.uk.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग द्वारा पहली बार एक टोल फ्री कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर निरंतर निगरानी बनाए रखने के लिए सर्विलांस और हेडकाउंट कैमरा स्थापित किए गए हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से भी यात्रियों को यात्रा पंजीकरण, हेल्थ एडवाइजरी तथा मौसम की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

300 यात्रियों को रेस्क्यू कर उनका जीवन बचाया गया
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार , पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, स्वास्थ्य सचिव राधिका झा, प्रो. हेम चंद्र पांडे एवं महानिदेशक सूचना रणबीर सिंह चौहान ने चारधाम यात्रा को लेकर के संबंध में संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। अपर मुख्य सचिवराधा रतूड़ी ने कहा की चारधाम यात्रा राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। यात्रियों को स्वास्थ्य, सुरक्षा, पेयजल जैसी सभी सुविधाएं मिले इसके लिए सभी विभाग आपस में समन्वय से कार्य कर रहे हैं। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया की 04 जून, 2022 तक लगभग 1611598 चारधाम यात्रा पर आ चुके हैं। यात्रा के दौरान अपने परिजनों से बिछड़ चुके 920 यात्रियों को उनके साथ आये श्रद्धालुओं से मिलाया जा चुका है जबकि 300 यात्रियों को रेस्क्यू कर उनका जीवन बचाया गया है। उन्होंने बताया कि यात्रा में लगभग 4500 पुलिस बल, 06 कम्पनी, 25 सब टीम SDRF, 70 एलआईयू, 700 होमगार्ड, 600 पीआरडी और 02 टीम एनडीआरएफ नियुक्त की गई है। यात्रा सीजन हेतु अतिरिक्त 47 पोस्ट/ चौकियां स्थापित की गयी हैं। यात्रा मार्गों पर 57 टूरिस्ट पुलिस केन्द्र स्थापित किये गये हैं।

9 प्रमुख स्थानों में हेल्थ स्क्रीनिंग की जा रही है

स्वास्थ्य सचिव राधिका झा ने बताया कि चिकित्सा विभाग द्वारा सुरक्षित यात्रा के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा ड्यूटी में 178 चिकित्साधिकारी तैनात किये गए हैं। फर्स्ट मेडिकल रिस्पांडर एवं मेडिकल रिलीफ पोस्ट की संख्या में भी वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस की संख्या में भी गत वर्षों की तुलना में 33 प्रतिशत वृद्धि करते हुए यात्रा मार्ग पर 119 एम्बुलेंस तैनात की गई है। यात्रियों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए पहली बार हेली एंबुलेंस सेवाएं दी जा रही है। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि राज्य में पहली बार यात्रा मार्गों पर हेल्थ स्क्रीनिंग की व्यवस्थाएं की गई हैं जिसमें 9 प्रमुख स्थानों में हेल्थ स्क्रीनिंग की जा रही है। ऐसे यात्रियों को आगे की यात्रा से रोका जा रहा है, जिनकी स्वास्थ्य स्थिति यात्रा के अनुकूल नहीं है। उन्होंने बताया सरकार द्वारा कुलपति चिकित्सा विश्वविद्यालय की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति द्वारा यात्रियों की मृत्यु के कारणों का विश्लेषण किया गया है। विश्लेषण अनुसार कोविड 19 के प्रभाव के कारण मैदानी क्षेत्रों से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा करने का जोखिम बढ़ गया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+