CDS अनिल चौहान का श्रीनगर गढ़वाल दौरा, छात्रों व शिक्षकों से संवाद कार्यक्रम, उत्तराखंड से क्या है खास कनेक्शन
CDS Anil Chauhan देश के CDS अनिल चौहान का आज उत्तराखंड दौरा है। जिसको लेकर पौड़ी गढ़वाल में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सीडीएस ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि के चौरास परिसर में एनसीसी कैडेड द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर ग्रहण किया।
वह अपनी पत्नी अनुपमा चौहान के साथ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। सीडीएस हेलीपैड से सीधे कार्यक्रम स्थल विवि प्रेक्षागृह में पहुंचे। वह यहां छात्रों व शिक्षकों से संवाद करेंगे। करीब दो घंटे तक चलने वाले इस कार्यक्रम के बाद वह मेडिकल कॉलेज पहुंचेंगे।

पुलिस एवं प्रशासन की ओर से सुरक्षा व अन्य तैयारियां पूरी की गई हैं। यहां भी मेडिकल छात्रों से संवाद करेंगे।अनिल चौहान (चीफ आफ डिफेंस स्टाफ) गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर पहुंच गए हैं। उनके आगमन पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया।
सीडीएस ने केंद्रीय पुस्तकालय में भारत, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा साइबर सुरक्षा से जुड़ी कुल 227 महत्वपूर्ण पुस्तकें भेंट कीं। इन पुस्तकों को विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी में औपचारिक रूप से शामिल किया गया। पुस्तकें राष्ट्रीय सुरक्षा, सामरिक अध्ययन और वैश्विक परिदृश्य जैसे विषयों पर आधारित हैं, जिससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।
देश की तीनों सेनाओं के प्रमुख सीडीएस अनिल चौहान हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय और वीर चंद्र सिंह राजकीय आयुरविज्ञान शोध संस्थान के छात्र-छात्राओं से संवाद करेंगे। यह पहला मौका है, जब सीडीएस चिकित्सा शिक्षा के छात्र-छात्राओं से भी बातचीत करेंगे।
सीडीएस जनरल अनिल चौहान के पैतृक गांव के ग्रामीण भी उनसे मिलने श्रीनगर पहुंचे। पौड़ी गढ़वाल के खिरसू ब्लाक के गवाणा गांव निवासी देश के दूसरे सीडीएस हैं। उनके इस एक दिवसीय दौरे को लेकर स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह है। बता दें कि देश के पहले सीडीएस स्व. बिपिन रावत ने भी वर्ष 2021 में गढ़वाल विवि में छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया था। वह, भी पौड़ी गढ़वाल निवासी थे।
बता दें कि हाल ही में CDS अनिल चौहान की सास यशोदा देवी का निधन भी हुआ था, जिसमें शामिल होने के लिए वे कोटद्वार आए थे। सीडीएस अनिल चौहान को सितंबर 2022 में देश के दूसरे सीडीएस के रूप में नियुक्त किया गया था। इससे पहले, उन्होंने भारतीय सेना में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया था, जिनमें पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और सैन्य अभियान महानिदेशक शामिल हैं।












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