Uttarakhand: गैरसैंण में बजट सत्र कराने को लेकर तैयारी शुरू,ग्रीष्मकालीन राजधानी को लेकर सियासत गरमाई
उत्तराखंड के वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट सत्र से पहले गैरसेंण को लेकर सियासत गरमा गई है। एक तरफ सरकार ने बजट सत्र की तैयारी शुरू कर दी है। तो दूसरी तरफ गैरसेंण का मुद्दा गरमाया हुआ है।

उत्तराखंड के वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट सत्र से पहले गैरसेंण को लेकर सियासत गरमा गई है। एक तरफ सरकार ने बजट सत्र की तैयारी शुरू कर दी है। तो दूसरी तरफ गैरसेंण का मुद्दा गरमाया हुआ है। विपक्ष सरकार पर पहले ही गैरसेंण के मुद्दे पर हमलावर है तो भाजपा ने भी इस बार सत्र गैरसेंण में ही कराने की बात की है।
27 फरवरी तक लोगों से सुझाव मांगे गए
उत्तराखंड के वित्त एवं संसदीय मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि बजट सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में होगा। बजट तैयार करने के लिए 27 फरवरी तक लोगों से सुझाव मांगे गए हैं। राज्य के विकास से जुड़े बेहतर सुझावों को बजट में शामिल किया जाएगा। वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि राज्य को भाजपा की डबल इंजन की सरकार का लाभ मिल रहा है। केंद्रीय बजट में उत्तराखंड का भी ध्यान रखा गया है। बजट में किए गए प्रावधानों से उत्तराखंड को विशेष लाभ मिलेगा। केंद्रीय करों में राज्य का अंश 25 प्रतिशत बढ़ गया है। गत वर्ष केंद्रीय करों में राज्य का अंश लगभग 9130 करोड़ था जो अब लगभग 11428 करोड़ हो जाएगा। राज्यों को 50 वर्ष के लिए दिए जाने वाले ब्याज मुक्त ऋण को एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है। अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने बजट पर लोगों से सुझाव मांगें है। इसमें ई-मेल, व्हाट्सअप के माध्यम से सुझाव भेजे जा सकते हैं। इसके अलावा बजट को लेकर कारोबारियों, उद्यमियों, वरिष्ठ नागरिकों के साथ संवाद कर सुझाव लिए जाएंगे।
बजट की तैयारी को लेकर समीक्षा शुरू
शासन स्तर पर सोमवार से विभागवार बजट की तैयारी को लेकर समीक्षा शुरू हो गई है। तकरीबन सभी विभाग से प्रस्ताव प्राप्त हो गए हैं। सचिव वित्त के स्तर पर हर विभाग से उसकी मांग और नई योजनाओं पर चर्चा हो चुकी है। अब इन प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के लिए दोबारा से समीक्षा बैठकें होंगी। मसूरी चिंतन शिविर में तय विकास के एजेंडे की झलक भी राज्य सरकार के बजट में दिखाई देगी। उन संकल्पों को बजट में विभागीय बजट का हिस्सा बनाया जा सकता है, जिनके लिए एक साल की समय-सीमा तय की गई है।
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हरदा एक घंटे उपवास पर बैठे
उधर सत्र से पहले गैरसेंण का मुद्दा गरमा चुका है। कांग्रेस की और से पूर्व सीएम हरीश रावत ने विरोध में विधानसभा के मुख्य द्वार पर ही उपवास पर बैठ गए। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गैरसैंण को राजधानी बनाने का मुद्दा अगली पीढ़ी को सौंपने की बात कही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण पहुंचे। वहां हरदा कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं के साथ विधानसभा गेट पर एक घंटे उपवास पर बैठे। इस दौरान हरीश रावत ने कहा कि बीते वर्ष उत्तराखंड सरकार की ओर से गैरसैंण में बजट सत्र आयोजित करने का निर्णय टालना दुर्भाग्यपूर्ण है। हरीश रावत ने कहा कि पूर्व सीएम व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष को विधानसभा परिसर में जाने से रोकने को लेकर वह आगामी विधानसभा सत्र के दौरान देहरादून में गिरफ्तारी देंगे। वहीं पुलिस ने उच्चाधिकारियों से मिले आदेशों का पालन करने की बात कही। इसके बाद सभी लोग विधानसभा के मुख्य द्वार पर ही उपवास पर बैठ गए।












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