अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस में पुलिसिंग इन अमृत काल पर मंथन, तारीख पर तारीख की समस्या से मिलेगी निजात

अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस में पुलिसिंग इन अमृत काल पर मंथन हुआ। जिसमें केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि पिछले 9 सालों में देश के तीन बड़े हॉट स्पॉट में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह की कानून सिस्टम में बदलाव हुआ है। उससे तारीख पर तारीख की समस्या से निजात मिलेगी।

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उत्तराखंड ने 49वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस की मेजबानी की। जिसकी थीम पुलिसिंग इन अमृत काल रखी गई थी। पुलिस विकास एवं अनुसंधान ब्यूरो के तत्वावधान में ये आयोजित की गई। जिसका उद्घाटन केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। जबकि समापन सत्र में उत्तराखंड लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने शिरकत की।

पुलिस टेक एग्जीबिशन के शुभारंभ के दौरान आधुनिक एआई रोबोट ने अमित शाह का स्वागत किया।इस अवसर पर अमित शाह ने 3 प्रकाशनों- 49वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस का सार संग्रह (कम्पेडियम), पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो द्वारा प्रकाशित पुलिस विज्ञान पत्रिका एवं टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप द्वारा प्रकाशित उत्तराखण्ड पुलिस मार्चिंग विद द टाइम्स का डिजिटल विमोचन किया गया।

गृह मंत्री ने कहा कि दो दिवसीय इस पुलिस साइंस कांग्रेस में हम सभी मिलकर पुलिस की वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के उपायों पर चर्चा कर सकारात्मक परिणाम प्राप्त करेंगें। उन्होने कहा कि विगत कुछ वर्षों में पुलिस बल में अभूतपूर्व परिवर्तन कर दूरगामी लक्ष्य निर्धारित कर पुलिस बल को और अधिक सक्षम व पेशेवर बनाया गया है। इसके साथ ही आंतरिक सुरक्षा के मोर्चों पर भी देश को अभूतपूर्व सफलता मिली है।

पुलिस साइंस कांग्रेस में 5जी युग में पुलिस व्यवस्था नारकोटिक्स: एक अभूतपूर्व दृष्टिकोण, पुलिस और सीएपीएफ के बीच समन्वय विषय पर चर्चा हुई।

49वीं अखिल भारतीय पुलिस साइंस कांग्रेस के दूसरे दिन के छठे सत्र में आंतरिक सुरक्षा और सोशल मीडिया की चुनौतियां पर हुई चर्चा में कानून एवं शान्ति व्यवस्था प्रभावित करने वाले प्रदर्शनों पर सोशल मीडिया का प्रभाव व पुलिस के लिए चुनौतियों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों द्वारा अलगाववाद को बढ़ावा देने हेतु सोशल मीडिया का प्रयोग किया जाता है।

आतंकवादियों की भर्ती हेतु सोशल मीडिया के चैट रूम्स का उपयोग किया जा रहा है। देश की आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित करने एवं विदेश ताकतों द्वारा अपने हितों के लिए निर्धारित एजेंडा फैलाने के लिए भी सोशल मीडिया को माध्यम बनाया जा रहा है।

इस दौरान पुलिस टेक एग्जीबिशन का आयोजन किया गया। जिसमें मेक इन इंडिया योजना के तहत उच्च व स्वदेशी तकनीक से निर्मित स्मार्ट वेपन्स एवं अन्य उपकरणों को पुलिस आधुनिकरण में सम्मिलित करने पर जोर दिया गया। एग्जीबिशन में फॉरेंसिक साइंस, ड्रोन, रॉबोटिक्स, स्मार्ट वेपन्स, IP कैमरे, Telescope, Wireless, एवं साइबर सुरक्षा से संबंधित उपकरणों के स्टॉल लगाये गये हैं। एग्जीबिशन में उत्तराखण्ड पुलिस की ओर से साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन एवं एसडीआरएफ द्वारा भी स्टॉल लगाये गये।

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