मिशन 2022 के लिए भाजपा ने उत्तराखंड में बदली रणनीति, तो क्या चुनाव अभियान समिति की नहीं जरुरत?

उत्तराखंड में भाजपा ने चुनाव अभियान समिति का न‍हीं किया अब तक ऐलान, चुनाव प्रभारियों ने संभाली जिम्‍मेदारी

देहरादून, 12 नवंबर। उत्तराखंड में भाजपा ने इतिहास रचने के लिए इस बार रणनीति में बदलाव किया है। चुनाव अभियान समिति का अब तक ऐलान नहीं हो पाया है। इसके पीछे की वजह चुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ना माना जा रहा है। साथ ही चुनाव अभियान समिति का प्रमुख की जिम्मेदारी किसी दूसरे बड़े चेहरे को सौंप कर भाजपा दूसरे विवाद से बचना चाह रही है। इसकी जगह चुनाव अभियान समिति की जगह भाजपा चुनाव प्रबंधन समितियों का पहले ही ऐलान कर चुकी है। इसके लिए 33 समितियां बनाई गई हैं, जो चुनाव प्रबंधन से लेकर मीडिया मैनेजमेंट और घोषणा पत्र से जुड़ा हुआ काम देखेंगी।

 BJP changed strategy in Uttarakhand for Mission 2022, so is there no need for election campaign committee?

केन्द्रीय हाईकमान के हाथ में चुनाव अभियान की कमान
भाजपा ने चुनाव प्रबंधन के लिए चुनाव प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। इसके लिए केन्द्रीय मंत्री प्रह्रलाद जोशी को बड़ी जिम्मेदारी तय की गई है। प्रह्रलाद जोशी के साथ सरदार आरपी सिंह और लॉकेट चटर्जी को भी उत्तराखंड में सह प्रभारी बनाया गया है। जो कि उत्तराखंड में मोर्चा संभाल चुके हैं। गुरुवार को प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्रलाद जोशी व सह चुनाव प्रभारी लॉकेट चटर्जी देहरादून पहुंचे। जो कि गुरुवार और शुक्रवार को लगातार बैठक कर चुनावी रणनीति पर फोकस कर रहे हैं। प्रदेश चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत निश्चित है,कार्यकर्ताओ को इसे शानदार बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी है। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित चुनाव प्रबन्धन समिति की बैठक में उन्होंने पदाधिकारियो को जरुरी टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य विकास की दृष्टि से सफल साबित हुए हैं और यही आम जनता में विश्वास का कारण है। सभी पदाधिकारी जिन्हें दायित्व मिले हैं उनको दायित्वों का निर्वहन पूरी लगन और निष्ठा के साथ करना है। इसके लिए हमे सकारात्मक और परस्पर संवाद रखकर कार्य करना होगा।

33 कमेटियां बना चुकी है भाजपा

भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2022 के लिए जिन 33 कमेटियों का गठन किया हुआ है। उसमें बीजेपी का घोषणा पत्र बनाने का जिम्मा पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को सौंपा गया है। चुनाव प्रबंधन समिति में एक संयोजक व छह सह संयोजक बनाए गए हैं। बीजेपी सांसद अजय टम्टा को चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक बनाया गया है। बीजेपी ने चुनाव प्रबंधन समिति के अलावा चुनाव कार्यालय, कॉल सेंटर, कार्यालय प्रबंधन, कॉल सेंटर, सुरक्षा, स्वागत कक्ष, मीडिया विभाग, मीडिया संपर्क, न्यायिक, साहित्य छपवाना, प्रचार समिति, वाहन, प्रवास, विज्ञापन, वीडियो वैन, संसाधन, हिसाब किताब, सोशल मीडिया और चार्ज शीट जैसी कमेटियां बनाई हैं, जो इलेक्शन के पूरे मैनेजमेंट में अपनी भूमिका निभाएंगी। इस तरह पहले ही भाजपा ने जरुरी काम करने के लिए प्रदेशस्तरीय नेताओं की जिम्मेदारी तय की हुई है। चुनाव अभियान समिति की जगह भाजपा केंद्रीय नेताओं के कार्यक्रमों को ज्यादा तवज्जो दे रही है। साफ है कि चुनाव अभियान समिति बनाकर भाजपा किसी नए विवाद को जन्म नहीं देना चाहती है। इतना ही नहीं चुनाव ​अभियान की कमान हाईकमान अपने हाथ में ही रख सकती है। इसी रणनीति के तहत चुनाव प्रभारियों को उत्तराखंड में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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