यूपी से मिलावटी मावा को उत्तराखंड में खपाने की कोशिश, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की सीमाओं पर सर्जिकल स्ट्राइक
उत्तराखंड में मिलावट पर जीरो टॉलरेंस को लेकर सरकार लगातार एक्शन ले रही है। सीमाओं पर चौकसी बढ़ाने के साथ ही विशेष अभियान चलाया जा रहा है। देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंहनगर,और नैनीताल स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी है।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यूपी से उत्तराखंड लाया जा रहा कई क्विंटल मावा बरामद किया है। जिनको मौके पर ही नष्ट किया गया।सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि बाहरी राज्यों से मिलावटी मावा और मिठाइयां उत्तराखंड में प्रवेश न कर सकें।

देहरादून में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने मिठाई और दुग्ध उत्पाद बेचने वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना के नेतृत्व में टीमों ने हर्रावाला, मोहकमपुर, हरिद्वार रोड और सहसपुर क्षेत्र में छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान कलाकंद, घी और दूध उत्पादों के कुल 10 नमूने जांच के लिए लिए गए जिन्हें खाद्य विश्लेषण शाला भेज दिया गया है। विभाग ने साफ किया कि आगामी दिनों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हरिद्वार के थाना बुग्गावाला क्षेत्र स्थित पुलिस चौकी अमानतगढ़ में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने महिंद्रा एसयूवी-500 वाहन (मुज़फ्फरनगर से देहरादून की ओर) को रोककर तलाशी ली, जिसमें लगभग 900 किलो (10 क्विंटल) मावा बरामद किया गया। मावा में मिलावट की आशंका के चलते नमूने संग्रह कर रुद्रपुर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वाहन चालक आरिफ पुत्र मोहम्मद नईम और मावा के मालिक छुट्टन लाल प्रमोद कुमार, निवासी मुज़फ्फरनगर से पूछताछ की जा रही है।
मावा देहरादून के हनुमान चौक क्षेत्र में सप्लाई किया जाना था। रुड़की में बिना तापमान नियंत्रण के मावा सप्लाई पकड़ा गया। टीम ने दिल्ली से आ रहे एक वाहन (मारुति SUV, नंबर DL10CT0544) को रोका। वाहन की जांच में लगभग 10 लीटर मावा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब ₹55,000 आंकी गई। वाहन में न तो तापमान नियंत्रण प्रणाली थी और न ही मावा के परिवहन का लाइसेंस। जांच में यह मावा अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में तैयार किया गया पाया गया। टीम ने मौके से नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। वाहन से प्लास्टिक के कट्टे और पॉलीथीन बैग भी मिले, जो खाद्य भंडारण के लिए प्रतिबंधित हैं। बरामद मावा को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
सचिव स्वास्थ्य व आयुक्त खाद्य संरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग ने बताया कि दीपावली तक पूरे प्रदेश में स्पेशल टास्क फोर्स की तर्ज पर निगरानी दल गठित किए गए हैं। जिन क्षेत्रों से मिलावट की शिकायतें मिल रही हैं, वहां सरप्राइज चेकिंग की जा रही है। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि सस्ती मिठाइयों और खुले मावे से बचें, और मिठाई खरीदते समय ब्रांड, पैकिंग और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें।












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