Ankita Bhandari case:सीबीआई जांच की मांग को लेकर परिजन हुए अनशन में शामिल, अब तक की जांच से नहीं संतुष्ट
अंकिता के पिता और मां धरनास्थल अनशन में शामिल हुए
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। अंकिता के माता पिता अब तक की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में दोनों ऋषिकेश में आंदोलनकारियों के साथ धरने पर बैठ गए हैं। कोयलघाटी स्थित धरनास्थल पर अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी और मां सोनी देवी अनशन में शामिल हुए हैं। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए युवा न्याय संघर्ष समिति की ओर से 42 दिन से कोयलघाटी में धरना दिया जा रहा है। समिति के सदस्य क्रमिक अनशन और आमरण अनशन कर रहे हैं।

एसआईटी की जांच पर भरोसा नहीं
अंकिता के पिता ने कहा कि उन्हें एसआईटी की जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अंकिता के पिता ने चेतावनी दी कि मामले की सीबीआई जांच शुरू नहीं होने तक वह संघर्ष करते रहेंगे। और आंदोलनकारियों के साथ धरने पर बैठे रहेंगें। अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी का कहना है कि घटना के अगले ही दिन घटनास्थल के सबूत नष्ट कर दिए गए थे। घटनास्थल के पास फैक्टरी के जिस कमरे में अन्य आरोपी रहते थे उसमें भी आग लगा दी गई। उन्होंने कहा की घटना से संबंधित सारे साक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया है।
मामला 18 सितंबर का, 24 सितंबर को अंकिता का शव बरामद हुआ था
पौड़ी जिले की अंकिता भंडारी वनंतरा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्सनिष्ट काम करने आई थी। रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों ने रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी को नहर में फेंककर हत्या कर दी थी। मामला 18 सितंबर का है। घटना के बाद पुलकित ने ही अंकिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। 24 सितंबर को अंकिता का शव ऋषिकेश के पास चिल्ला नहर से बरामद हुआ था। इस बीच अंकिता केस को लेकर पूरा देश न्याय की मांग के लिए सड़कों पर उतर आया। सरकार पर दबाव बढ़ा तो धामी सरकार ने एसआईटी जांच शुरू की। लेकिन अंकिता के माता पिता अब तक की जांच से संतुष्ट नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद अंकिता के गांव पहुंचकर परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया लेकिन अब तक इस मामले में हुई कार्रवाई से परिजन संतुष्ट नहीं हैं। यही वजह है कि वे कोर्ट से लेकर जनता के बीच जाकर न्याय की मांग कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर यूकेडी और राज्य आंदोलनकारी ऋषिकेश में धरना दे रहे हैं। इस दौरान कई बार पुलिस से झड़प भी हो रही है। अंकिता केस में सबसे ज्यादा वीआईपी के नाम सामने लाने की मांग उठ रही है। जिसको लेकर जमकर सियासत भी हो रही है।












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