त्रिपुरा के Angel Chakma की हत्या पर नॉर्थ ईस्ट के छात्रों का विरोध, कैंडल मार्च निकालकर न्याय की मांग की
Angel Chakma त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या का प्रकरण गरमाता जा रहा है। नॉर्थ ईस्ट के छात्रों ने इस पूरे मामले में अब सड़क पर उतरकर विरोध करना शुरू कर दिया है। छात्रों ने देहरादून में कैंडल मार्च निकालकर न्याय की मांग की है।
देहरादून में हुए त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की हत्या को लेकर छात्रों में भारी रोष है। इसके विरोध में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। नॉर्थ ईस्ट के छात्रों ने एंजेल चकमा की हत्या के विरोध में देहरादून में कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान छात्र कथित नस्लीय भेदभाव के खिलाफ नारे लगाते हुए न्याय की मांग कर रहे थे।

यूटीएसए यानी यूनिफाइड त्रिपुरा स्टूडेंट्स एसोसिएशन (Unified Tripura Students Association) के बैनर तले अलग-अलग संस्थानों के छात्र बुधवार 31 दिसंबर को देहरादून के गांधी पार्क के बाहर इकट्ठा हुए। इसके बाद छात्रों ने मोमबत्ती लेकर घंटाघर तक मार्च किया। इस दौरान दूसरे राज्यों के छात्र भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा- 'हम भारतीय हैं', 'हमें न्याय चाहिए'।
कैंडल मार्च के साथ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने हाथों में एंजेल चकमा की तस्वीर वाले बैनर थे'। ये लोग 'नस्लवाद बंद करो', 'हम भारतीय हैं', 'हमें न्याय चाहिए' जैसे नारे लगा रहे थे। हालांकि पुलिस इसे नस्लवाद का मामला मानने से इनकार कर रही है। 24 साल के एंजेल चकमा देहरादून में एक निजी विश्वविद्यालय से MBA कर रहे थे। 9 दिसंबर को कुछ युवकों ने किसी बात को लेकर धारदार हथियारों से उन पर जानलेवा हमला किया था।
इस घटना के दौरान उनके भाई में साथ थे, एंजेल चकमा को गंभीर हालत में देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 17 दिन तक जिंदगी के लिए मौत से जूझने के बाद आखिरकार 26 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी। एंजेल चकमा के परिवार और दोस्तों ने इस घटना को नस्लीय टिप्पणियों का नतीजा बताया था। देहरादून पुलिस ने कहा कि उनकी अब तक की जांच में नस्लीय भेदभाव का कोई सबूत नहीं मिला है।












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